लेफ्टिनेंट जनरल बने प्रदीप कुमार चहल।
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हरियाणा के जींद के गांव दरियावाला निवासी प्रदीप कुमार चहल बुधवार को लेफ्टिनेंट जनरल बन गए। उनके लेफ्टिनेंट जनरल बनने पर लोगों ने खुशियां मनाईं। प्रदीप कुमार चहल जींद के पहले ऐसे सैन्यकर्मी हैं, जो इस पद तक पहुंचे हैं। फिलहाल वह सेना की खुफिया शाखा में सेवाएं दे रहे हैं।
प्रदीप कुमार चहल ने 1974 में सैनिक स्कूल कुंजपुरा से शिक्षा ग्रहण की। 1981 में उन्होंने एनडीए पास किया और 1985 में उन्होंने डोगरा रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया और वह द्वितीय लेफ्टिनेंट बन गए। इसके बाद 1991 में वह सेना की खुफिया शाखा में स्थानांतरित हो गए। वह लगातार मेहनत करते रहे और उन्होंने सेना के अनेक कोर्स किए। सोमवार को वह सेना में लेफ्टिनेंट जनरल बनाए गए।
उनके बड़े भाई रणधीर सिंह चहल भी सेना में कैप्टन रहे हैं। ग्रामीणों ने अपने इस जवान पर गर्व महसूस करते हुए कहा कि आज दरियावाला गांव का नाम चमका है। ऐसे होनहार नौजवानों पर उन्हें गर्व महसूस होता है, जब वह कहते हैं कि वह लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप कुमार चहल के गांव से हैं।
क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के चाचा हैं प्रदीप कुमार चहल
भारतीय क्रिकेट टीम में जींद का नाम रोशन करने वाले बॉलर युजवेंद्र चहल का नाम पूरे देश में कौन नहीं जानता। लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप कुमार चहल युजवेंद्र चहल के चाचा हैं। चाचा-भतीजे ने पूरे देश में दरियावाला गांव, जींद जिला व हरियाणा का नाम रोशन किया है।
शुरू से ही प्रतिभाशाली रहा छोटा भाई
कैप्टन रणधीर सिंह चहल ने कहा कि उनका छोटा भाई प्रदीप कुमार चहल शुरू से ही प्रतिभावान रहा। वह जब सेना में भर्ती हो चुके थे तो वह अपने छोटे भाई प्रदीप कुमार चहल को सेना के लिए ही तैयार करते थे। प्रदीप कुमार चहल उनसे लगभग 15 साल छोटे हैं। जब प्रदीप पढ़ते थे तो उसी समय मेरा चयन सेना में हो गया था। देश सेवा का जज्बा इस कदर हावी था कि अपने छोटे भाई प्रदीप कुमार चहल को भी सेना के लिए तैयार कर लिया। फिलहाल प्रदीप कुमार की पोस्टिंग खुफिया विभाग के मुख्यालय पूना में है।