जींद। शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन के दूसरे दिन कुल छह प्रत्याशियों ने अपने नामांकन दाखिल किए। जींद में पार्षद के लिए पांच और सफीदों में एक नामांकन आया है। नरवाना नगर परिषद और उचाना नगरपालिका के लिए अभी तक कोई नामांकन जमा नहीं हुआ है। उधर पार्टियों ने अपने प्रत्याशी भी घोषित करने शुरू कर दिए हैं। जजपा ने जजपा द्वारा जींद नगरपरिषद व उचाना नगरपालिका चेयरमैन पद के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
चुनाव के लिए नामांकन चार जून तक भरे जा सकते हैं, लेकिन अभी तक भाजपा व आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। वहीं कांग्रेस द्वारा पार्टी चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया गया है। ऐसे में अगले एक-दो दिन में चुनावी सरगर्मियां तेज जो जाएंगी।
पार्षद की पत्नी को चेयरमैन पद का टिकट
जजपा ने जींद नगरपरिषद से निवर्तमान पार्षद हरीश अरोड़ा की पत्नी रजनी अरोड़ा को चेयरमैन पद के लिए मैदान में उतारा है। रजनी अरोड़ा इससे पहले 2005 से 2010 तक जींद नगरपरिषद की उप प्रधान रहीं हैं। वहीं उचाना से अनिल शर्मा को पार्टी का टिकट दिया गया है। अनिल शर्मा के दादा रविदत्त और पिता रामकुमार उचाना नगरपालिका के चेयरमैन रहे हैं। निकाय चुनाव के लिए 19 जून को मतदान होना है।
जींद के वार्ड 7 और 13 हुए अनारक्षित
जींद नगरपरिषद में वार्ड नंबर सात व 13 को पहले पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था, लेकिन आदालत में मामला विचाराधीन होने के कारण इस पर सरकार ने नई अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार वार्ड नंबर सात और 13 को अनारक्षित कर दिया है।
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आज बढ़ सकती है नामांकन करने वालों की संख्या
बुधवार को नामांकन के तीसरे दिन अधिक नामांकन आने की उम्मीद है। नामांकन प्रक्रिया चार जून तक चलेगी। ऐसे में बुधवार को ही भाजपा द्वारा भी उम्मीदवार का नाम घोषित किया जा सकता है।
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भाजपा-जजपा के अलग होने से रोचक हुआ चुनाव
भाजपा और जजपा द्वारा अलग-अलग चुनाव लड़ने से इस बार निकाय चुनाव में मुकाबला रोचक होने जा रहा है। जिले के चारों निकाय चुनाव रोचक होने की संभावना है। जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा के पिता दो बार इनेलो से विधायक रहे हैं। डॉ. मिड्ढा ने पहली बार भाजपा को जींद में जीत दिलवाई है। ऐसे में यहां मुकाबला रोचक होगा। उचाना से उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला खुद विधायक हैं। वहीं यह क्षेत्र हिसार से भाजपा के सांसद बृजेंद्र सिंह व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह का है। यहां भी मुकाबला रोचक हो सकता है। नरवाना में भी जजपा के विधायक हैं। सफीदों में कांग्रेस के विधायक हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ रही है।