एसीएस के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे जिले के पंचायत अधिकारी
जींद। जिले के पंचायत अधिकारी एसीएस के आदेशों को किस प्रकार ठेंगा दिखा रहे हैं, यह नगूरां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीन चार साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं होने से पता चलता है। पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 2018 में नगूरां पंचायत द्वारा पीएचसी के लिए दी गई जमीन को स्वास्थ्य विभाग के नाम करवाने के आदेश जारी किए थे, लेकिन आज तक खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अलेवा ने जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं करवाई है। अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद विकास कार्यों में रुचि दिखा रहे हैं।
वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने गांव नगूरां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद ग्राम पंचायत ने पंचायती जमीन को स्वास्थ्य विभाग के नाम करने का प्रस्ताव 2016 में पारित करते हुए स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया था। स्वास्थ्य विभाग ने तत्कालीन डीसी को यह जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम करवाने की प्रार्थना भेजी। डीसी ने पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को यह जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम करने का अनुमोदन किया था। पंचायत विभाग के एसीएस ने अप्रैल 2018 में ही खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अलेवा को यह जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम करवाने के निर्देश दिए थे। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मिले बजट से नगूरां गांव की जमीन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए भवन तैयार कर दिया। यह भवन स्वास्थ्य विभाग ने अपने अधीन भी ले लिया लेकिन इसकी जमीन आज तक स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग बार-बार डीसी, एसीएस व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को पत्र लिखता रहा, लेकिन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। स्वास्थ्य विभाग 30 से अधिक स्मरण पत्र अधिकारियों को लिख चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब अमर उजाला के हाथ वह पत्र लगा है, जिसमें एसीएस ने अप्रैल 2018 में ही जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम करवाने के आदेश दिए हैं। इस पत्र के आने से साफ पता चलता है कि खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणा और एसीएस के आदेशों को नहीं मान रहे हैं।
27 कनाल 17 मरले जमीन पर स्वास्थ्य विभाग का कब्जा
ग्राम पंचायत नगूरां की जिस जमीन पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग खड़ी की गई है, वह 27 कनाल 17 मरले जमीन है। अधिकारिक रूप से जमीन फिलहाल ग्राम पंचायत नगूरां के नाम ही है। जब तक जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं हो जाती, तब तक यह ग्राम पंचायत की है। इसलिए पंचायत विभाग के अधिकारियों के ढीले रवैये के कारण स्वास्थ्य विभाग ने अवैध ग्राम पंचायत नगूरां की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है।