पांडु पिंडारा रेलवे जंक्शन, जिसे मुख्य जंक्शन बनाने की योजना है।
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तीन साल पहले शहर की रेलवे लाइन के जाल को कम करने की योजना अब सिरे चढ़ती नजर आ रही है। प्रदेश सरकार द्वारा शुक्रवार को पेश किए गए बजट में इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दी है। इसके तहत पांडु पिंडारा गांव के रेलवे जंक्शन को मुख्य जंक्शन बनाने की तैयारी है। ऐसे में जींद शहर के यातायात के लिहाज से यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण होगी।
दरअसल इस परियोजना को लेकर 2018 में काम शुरू हुआ था। हालांकि उस समय यह सिर्फ प्रस्ताव के रूप में थी, लेकिन पिछले बजट में भी प्रदेश सरकार ने इसको लेकर योजना बताई थी। इस बार सरकार ने विधानसभा में पेश बजट में जानकारी दी है कि इसकी डीपीआर बनाने का काम एक एजेंसी को सौंपा गया है।
यह है परियोजना
परियोजना के तहत नरवाना, रोहतक, पानीपत व सोनीपत रेलवे लाइन को मिलाते हुए पांडु पिंडारा में बड़ा जंक्शन बनाया जाएगा। इसके लिए 215.95 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए डीपीआर भी तैयार कर ली गई है।
यह बनी थी योजना
सुरेश प्रभु के रेल मंत्री रहते अन्ना टीम द्वारा उन्हें ज्ञापन सौंपा गया था। इसमें जींद-पानीपत रेलवे लाइन को शहर में अंदर से एलिवेटेड करने व बिशुनपरा गांव से बाईपास बनाते हुए पिंडारा रेलवे जंक्शन में जोड़ने की मांग की थी। इससे शहर में 11 रेलवे क्रॉसिंग बंद हो जातीं। हालांकि इनमें से अब पांच पर अंडरपास या आरओबी बन रहे हैं।
जींद-हांसी रेलवे लाइन
बजट में सरकार ने जींद-हांसी रेलवे लाइन परियोजना की भी जानकारी दी है। इसके लिए डीपीआर अंतिम चरण में है। सांसद रहते दुष्यंत चौटाला इन परियोजना को शुरू करवाया था। हालांकि अभी तक यह जमीन पर नहीं आई है। इस परियोजना के बाद जींद चारों ओर से रेल मार्ग से जुड़ जाएगा।