बस स्टैंड परिसर में खड़े यात्री। संवाद
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रक्षाबंधन पर सरकार द्वारा 21 अगस्त दोपहर 12 बजे से लेकर 22 अगस्त को पूरे दिन तक महिलाओं के लिए निशुल्क बस चलाई गई। जिस भी रूट पर महिला यात्रियों की भीड़ होती थी डिपो महाप्रबंधक द्वारा बस को भेज दिया जाता था। 21 व 22 अगस्त को महिलाओं के लिए 36 घंटे फ्री बस चलाने के कारण डिपो की आमदनी पर काफी असर पड़ा है। आमदनी के मामले में जींद डिपो पहले जहां छठे पायदान पर था, वहीं अब 16वें पायदान पर खिसक गया है। ऐसे में अब डिपो फिर से कमाई के मामले में बेहतर रैंकिंग हासिल करने की कोशिश करेगा। पिछले महीने डिपो की औसतन कमाई 11 लाख रुपये से अधिक थी। हर रोज डिपो की बसें साढ़े 38 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करती थीं। रोडवेज निदेशालय द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार एक अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक डिपो की औसतन कमाई आठ लाख 30 हजार रुपये रही। वहीं रिसिप्ट 30.59 रुपये प्रति किलोमीटर है। केएमपीएल 4.82 पैसे प्रति लीटर है। अब डिपो फिर से कमाई के लिस्ट में ऊपर जाने के लिए प्रयासरत रहेगा।
कमाई के मामले में चंडीगढ़ सबसे आगे
निदेशालय द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार एक अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक कमाई के मामले में चंडीगढ़ सबसे आगे रहा है। इसके बाद क्रमश: पानीपत, सिरसा, हिसार, दिल्ली, रोहतक, करनाल, कैथल, यमुनानगर, रेवाड़ी, पंचकूला, नारनौल, पलवल, फतेहाबाद व गुरुग्राम तथा जींद का नंबर आता है।
डिपो कमाई के मामले में आगे आने की कोशिश करेगा
निदेशालय द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार डिपो कमाई के मामले में 16वें पायदान पर खिसक गया है। पहले डिपो कमाई के मामले में छठे स्थान पर था। अब डिपो कमाई के मामले में ऊपर आने की कोशिश करेगा, जिससे यात्रियों को भी बेहतर सुविधा दी जा सके। -गुलाब सिंह दूहन, रोडवेज जीएम जींद डिपो।