जींद। जिले के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग तरह-तरह की योजनाएं बना रहा है। अब टीकाकरण शिविरों में बहुत कम लोग आ रहे हैं। इसलिए जरूरी हो गया है कि लोगों को घरों से निकाल कर लाया जाए।
पिछले सप्ताह स्वास्थ्य विभाग ने ड्राइव थ्रू योजना बनाई थी, जो सफल नहीं रही। अब स्वास्थ्य विभाग व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं व अन्य संगठनों से मदद लेगा, ताकि अक्तूबर महीने तक सभी लोगों को पहली डोज लगाने का लक्ष्य पूरा किया जा सके। जिले में अभी तक साढ़े तीन लाख लोग बाकी हैं, जिनको पहली डोज लगाई जानी है। अक्तूबर महीने में यह लक्ष्य पूरा करना अजूबे के समान है।
जिले के 18 से अधिक आयु वर्ग के 9 लाख 95 हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जानी है। अभी तक जिले के साढ़े छह लाख लोगों को ही कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग पाई है। वहीं दो लाख के आसपास लोगों को दूसरी डोज लग पाई है। अभी तक साढ़े तीन लाख लोग बाकी हैं, जिनको पहली डोज लगाई जानी है। स्वास्थ्य विभाग ने अक्तूबर महीने में पहली डोज पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इस महीने के 23 दिन बाकी हैं। प्रतिदिन 14 हजार लोगों को पहली डोज लगाई जाए तो ही यह लक्ष्य पूरा किया जा सकता है, लेकिन पिछले दस दिनों से जिले में औसतन पांच हजार के आसपास लोगों को ही पहली डोज लगाई जा रही है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को यह लक्ष्य प्राप्त करना टेढ़ी खीर से कम नहीं है।
अब व्यापारियों व सामाजिक संगठनों की मदद लेगा स्वास्थ्य विभाग
कोरोना वैक्सीन की पहली डोज का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब जिले के व्यापारियों, हैचरी मालिकों, सामाजिक संगठनों व कर्मचारी यूनियनों से संपर्क कर रहा है। इन संगठनों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा और वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को घरों से निकालकर स्वास्थ्य केंद्र पर लाया जाएगा।
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने कहा कि अभी तक लगभग साढ़े तीन लाख लोग ऐसे हैं, जिनको पहली डोज नहीं लगी है। अक्तूबर महीने में ही इस लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, कर्मचारी यूनियनों, ट्रक यूनियनों, व्यापारियों व अन्य समाजसेवी लोगों से बातचीत की गई है। जल्द ही अभियान चलाकर सभी लोगों को पहली डोज लगाई जाएगी।