जींद। नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी ने सोमवार को कार्यभारी संभाल लिया। इससे पहले उनके पास नरवाना नगरपरिषद अतिरिक्त कार्यभार था। ऐसे में उन्होंने पहले ही दिन नगरपरिषद की दुकानों का किराया नहीं भरने वालों को कड़ा संदेश देते हुए पांच दुकान सील कर दी। इसके बाद दुकानदारों ने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया तो कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई।
कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि नरवाना में नगरपरिषद की कुल 93 दुकान हैं। पिछले लंबे समय अधिकतर दुकानदारों ने किराया नहीं भरा है। उन्होंने बताया कि दुकानदारों की तरफ करीब सवा चार करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में किराया नहीं भरने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए दुकान सील की गई। इसके बाद दुकानदारों ने जल्द किराया भरने की बात कही है। ऐसे में कार्रवाई को रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद जनता से आने वाले पैसे से विकास कार्य करवाता है। ऐसे में लोगों को समय पर अपने कर और किराये भरने चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में व्यस्थाएं बनाने के लिए लगातार अभियान चलेगा।
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23जेएनडी41: दुकान को सील करने पहुंचे नगरपरिषद के कर्मचारी। संवाद।