जींद। मजदूर संगठन सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन की एक बैठक वीरवार को उचाना तहसील के सामने चल रहे किसान मजदूरों के धरना स्थल पर हुई। अध्यक्षता किसान नेता ज्ञानी राम ने की। बैठक में किसानों-मजदूरों की समस्याओं को लेकर 20 जनवरी को उचाना तहसील पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
किसान सभा के जिला सचिव बलिंद्र और सीटू के जिला सचिव कपूर सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय केंद्र पर किसान मजदूरों के संयुक्त आह्वान पर किसान-मजदूरों की समस्याओं को लेकर आंदोलन करने का निर्णय हुआ है। प्रदेश भर के मजदूर और किसान भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है। किसान को फसल के पूरे दाम नहीं मिल रहे और मजदूर भूखा मरने पर मजबूर हैं। बेरोजगारी, महंगाई लगातार बढ़ रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं आम नागरिक की पहुंच से बाहर होती जा रही है। नए वर्ष में प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने अनाप-शनाप शर्तें लगाकर जरूरतमंदों के बीपीएल राशन काट दिए हैं। उन्होंने मांग की कि सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं आवास सभी गांव में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा, मनरेगा में 200 दिन काम 600 रुपये मजदूरी दी जाए। सभी गांव में मनरेगा का कार्य शुरू करवाया जाए, निर्माण मजदूरों का पंजीकरण कर समय पर सुविधाएं दी जाए। गंदे पानी की निकासी का प्रबंध हो और पीने के लिए साफ पानी मिले। एमएसपी की गारंटी, बिजली बिल 2022 रद्द करवाने, सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करवाने, सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। इस अवसर पर जोधा राम, पूर्व सरपंच रामनिवास धनखड़ी, रणधीर, उदयवीर पालवां, रमेश करसिंधु, रोहताश बेदी मौजूद रहे।