छात्तर गांव में आयोजित प्रशासन व ग्रामीणों की मीटिंग में बात रखते उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ। ?
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जींद। छात्तर गांव में अनुसूचित जाति के बहिष्कार को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार दोपहर बाद डीसी नरेश नरवाल गांव में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक की और कहा कि भगवान ने सिर्फ इंसान को बनाया है, जातियां इंसानों ने बनाई हैं। ऐसे में सभी को भाईचारे के साथ रहना चाहिए। इस दौरान गांव में 25 सदस्यों की एक समिति का गठन किया गया, जो गांव में भाईचारा बनाएगी। हालांकि इस बैठक में पीड़ित पक्ष नहीं पहुंचा।
इसके अलावा रविवार को गांव के दादाखेड़ा पर सामूहिक भोज व हवन का आयोजन होगा। जिसमें सभी जातियों के लोग भाग लेकर भाईचारा दिखाएंगे। गौरतलब है कि एक अगस्त को दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद गांव में तनाव का माहौल था। इसके बाद अनुसूचित जाति के एक गली के लोगों ने गांव के प्रभावशाली लोगों पर सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगाया। इस मामले में 12 अक्तूबर को 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज भी हुआ है। इसके बाद से ही प्रशासन और ग्रामीण अपने स्तर पर माहौल को ठीक करने में लगे हैं।
मनरेगा में करेंगे काम
बैठक में हालांकि पीड़ित पक्ष से कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंचा, लेकिन मनरेगा के मेट ने बताया कि कुछ लोगों ने मनरेगा के तहत काम करने के लिए हां कर दी है।
बैठक का नहीं मिला संदेश
पीड़ित पक्ष के व्यक्ति विसाल ने बताया कि हम शनिवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने गए थे। ऐसे में हमें बैठक की कोई सूचना नहीं मिली। गांव में दादा खेड़ा पर भंडारा लगाने की भी सूचना नहीं है। सोमवार को जिला स्तर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।