हरियाणा के जींद में स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अलेवा तहसील में खेवट अलग करने की एवज में रिटायर्ड कानूनगो को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। रिटायर्ड कानूनगो ने ड्यूटीरत कानूनगो के लिए रिश्वत ली थी। स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो को एक व्यक्ति ने शिकायत देकर कहा था कि उसने अपनी खेवट अलग करवाने के लिए अलेवा के कानूनगो महावीर के पास आवेदन किया हुआ था। खेवट अलग करने की एवज में महावीर 15 हजार रिश्वत की मांग कर रहा है, जिसमें पांच हजार पहले दिए जा चुके हैं। अब 10 हजार रुपये ओर दिए जाने पर खेवट अलग करने के लिए मांग कर रहा है।
इसके आधार पर डीएसपी कमलजीत के नेतृत्व में छापामार टीम का गठन किया गया, जिसमें एंटी करप्शन ब्यूरो के निरीक्षक मनीष कुमार को भी स्टाफ के साथ शामिल किया गया। राजपत्रित अधिकारी के तौर पर जिला सांख्यिकी अधिकारी विजय कुमार को नियुक्त किया गया। छापामार टीम ने शिकायतकर्ता को 20 नोट 500-500 के पाउडर तथा राजपत्रित अधिकारी से हस्ताक्षर कर थमा दिए।
संपर्क साधने पर कानूनगो महावीर ने अपने अलेवा कार्यालय में रिटायर्ड कानूनगो रामदिया को राशि देने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने रिटायर्ड कानूनगो रामदिया को थमा दिए और इशारा मिलते ही स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रिटायर्ड कानूनगो रामदिया को काबू कर लिया। तलाशी लिए जाने पर उसकी जेब से रिश्वत राशि बरामद हो गई और हाथों का रंग लाल हो गया।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अलेवा तहसील में खेवट अलग करने की एवज में रिटायर्ड कानूनगो को 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
-मनीष कुमार, निरीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो