उचाना स्थित नागरिक अस्पताल। संवाद
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जींद। उचाना के नागरिक अस्पताल का दो वर्ष से बिजली का बिल नहीं भरा गया है। अब यह बिल लगभग 17 लाख रुपये पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बिजली बिल भरने के लिए बजट नहीं मिल रहा। इस कारण बिजली का बिल नहीं भरा जा सका है। बिजली निगम ने कई बार स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी किए हैं। अब बिजली निगम की तरफ से साफ कहा गया है कि यदि जल्द बिजली का बिल नहीं भरा गया तो उनका कनेक्शन काट दिया जाएगा।
नागरिक अस्पताल उचाना में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब स्थापित की गई है। इसलिए नागरिक अस्पताल उचाना को हॉट लाइन से जोड़ा गया है। इस हॉट लाइन का काफी खर्च आता है। इस समय नागरिक अस्पताल की दो बिल्डिंग एक पुरानी और एक नई चल रही हैं। दोनों बिल्डिंग का एक महीने का ही काफी बिजली बिल आता है। दो वर्ष के आसपास बिजली का बिल नहीं भरने के कारण यह राशि 17 लाख रुपये पहुंच गई है। यदि बिजली निगम ने कनेक्शन काट दिया तो यहां स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। इसके अलावा आरटीपीसीआर लैब भी बंद हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने बिल भरने के लिए बजट की डिमांड मुख्यालय को भेजी हुई, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला है। इस कारण बिजली का बिल नहीं भरा गया है।
उचाना के एसएमओ डॉ. सुशील गर्ग ने कहा कि अस्पताल का दो वर्ष का बिजली का बिल बकाया है। यह राशि लगभग 17 लाख रुपये है। बिजली बिल भरने के लिए स्वास्थ्य मुख्यालय से बजट की मांग की हुई है। जल्द ही बजट मिल जाएगा तो बिल भर दिया जाएगा।
बिजली निगम उचाना एसडीओ हनुमान यादव ने कहा कि बिजली बिल भरने के लिए नागरिक अस्पताल उचाना को कई बार नोटिस दिए गए हैं। मंगलवार को भी जेई को अस्पताल के अधिकारियों से बातचीत के लिए भेजा था। अभी तक बिल नहीं भरा गया है। जल्द ही बिल नहीं भरा गया तो कनेक्शन काटना पड़ेगा।