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परिवारों में छोटे-छोटे विवादों से बन रही बड़ी दरार

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जींद। भौतिकवादी दौर में परिवारों में छोटे-छोटे विवाद बड़ी दरार पैदा कर रहे हैं, लेकिन सही परामर्श से इन दरारों को भरा जा सकता है। शनिवार को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा जिले भर में लोक अदालतों का आयोजन किया गया। इसमें पारिवारिक न्यायालय के समक्ष पारिवारिक विवादों के 48 केस रखे गए। इनमें से 40 का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इस दौरान दस साल से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच समझौता करवाया गया।
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केस एक: दस साल बाद मिले पत्नी-पत्नी
इस दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. परमिंद्र कौर की अदालत में करनाल निवासी रवि व उनकी पत्नी कविता का केस भी सुनवाई के लिए आया। रवि व कविता के बीच शादी के बाद से ही दिक्कतें रहने लगीं। इस पर विवाद काफी बढ़ गया और कविता ने दहेज, मारपीट सहित अन्य मामलों में रवि के खिलाफ केस दायर किए। इसके बाद रवि ने भी तलाक के लिए याचिका लगाई। वे पिछले दस साल से अलग रह रहे थे। ऐसे में यह मामला अदालत के समक्ष आया तो दोनों को परामर्श दिया गया। इस पर दोनों साथ रहने को राजी हो गए। रवि व कविता ने बताया कि परिवार में छोटे-मोटे झगड़े चलते रहते हैं, लेकिन इन्हें बड़ा नहीं बनाना चाहिए।
केस दो
एक साल से चल रहा था तलाक का केस, अब हुआ समझौता
मोहनगढ़ छापड़ा गांव निवासी राजकुमार ने 2014 में बंगाल निवासी निरक ज्योति से शादी की थी। शादी के बाद उन्हें बेटी भी हुई, लेकिन इसके बाद उनके बीच में विवाद रहने लगा और 2020 में अलग-अलग रहने का फैसला लिया। इस पर दोनों ने आपसी सहमति से तलाक के लिए अदालत में याचिका लगाई। 2021 में याचिका दायर करने के बाद इनको अदालत ने छह महीने का समय दिया। इस पर शनिवार को लोक अदालत में समझाने के बाद दोनों ने एक साथ रहने का फैसला लिया।
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