दाढ़ी कटवाने के बाद काब्रच्छा निवासी जयबीर खटकड़।
- फोटो : Jind
उचाना। काब्रच्छा गांव के जयबीर जाखड़ ने कृषि कानून रद्द होने व खटकड़ टोल धरना चलने तक सिर व दाढ़ी के बाल नहीं कटवाने का संकल्प लिया था। 11 दिसंबर को कृषि कानून रद्द होने के बाद दिल्ली से किसान घर लौटे तो 14 दिसंबर को खटकड़ टोल पर धरना समाप्त हो गया। इसके बाद जयबीर जाखड़ ने सिर व दाढ़ी के बाल कटवा लिए।
जयबीर जाखड़ ने बताया कि 26 नवंबर 2020 को प्रण लिया था कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होते और खटकड़ टोल का धरना समाप्त नहीं होगा, वह अपने सिर के बाल व दाढ़ी नहीं कटवाएगा। शुरुआत में तो परिवार व दोस्तों ने इसको मजाक माना। लेकिन जब महीने बीतते गए तो उन्हें भी लगा कि वह अपना प्रण निभाएगा। 14 दिसंबर 2021 को धरना समाप्त हुआ तो 15 दिसंबर को सिर व दाढ़ी के बाल कटवाए। खटकड़ टोल कार्यक्रम में गांव के लोगों व साधुराम जाखड़ ने राकेश टिकैत की मौजूदगी में उसे मंच पर सम्मानित किया।
दाढ़ी में काब्रच्छा निवासी जयबीर खटकड़। - फोटो : Jind