नागरिक अस्पताल की सिरो सर्वे टीम के प्रभारी चिकित्सक। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। जिले के 70 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनके शरीर से कोरोना वायरस गुजर चुका है। काफी लोगों को तो इसका पता भी नहीं चल पाया। सीरो सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि कोरोना के शिकार शहरी लोग ज्यादा हुए और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसकी चपेट में कम आए।
जिले में 80 प्रतिशत महिलाओं की रिपोर्ट सीरो सर्वे में पॉजिटिव पाई गई है। वहीं 73.5 प्रतिशत पुरुषों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसका मतलब है कि कोरोना वायरस ने पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा प्रभावित किया।
कोरोना वायरस के प्रति लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता (एंटी बॉडी) कितने प्रति बन चुकी है, इसका पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सीरो सर्वे किया था। पूरे प्रदेश में यह सर्वे तीन बार हो चुका है। पहली बार हुए सीरो सर्वे में 11 प्रतिशत लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दूसरी बार हुए सीरो सर्वे 26.6 प्रतिशत लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अब तीसरी बार हुए सीरो सर्वे में 70.8 प्रतिशत लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसका मतलब है कि जिले के 70.8 प्रतिशत लोगों के शरीर से कोरोना गुजर चुका है। तीसरे सीरो सर्वे के दौरान जिले के 1607 लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें 830 महिलाएं, 759 पुरुष और 18 मंगलामुखी के सैंपल लिए गए थे। इनमें से 28.2 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनको शरीर को अभी तक कोरोना छुआ भी नहीं है। सीरो सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 73.5 प्रतिशत पुरुषों, 80 प्रतिशत महिलाओं व 88.9 प्रतिशत मंगलामुखी के शरीर से कोरोना गुजर चुका है। ग्रामीण क्षेत्र के 72.2 प्रतिशत लोगों के शरीर से कोरोना गुजरा, जबकि 83.7 प्रतिशत शहरी लोगों के शरीर से कोरोना गुजरा है। अभी तक शहरों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र के लोग काफी ऐसे बचे हैं जिनके शरीर को कोरोना छुआ तक नहीं है।
कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि सीरो सर्वे के अनुसार 70.8 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो कोरोना के प्रभाव में आए। 70.8 प्रतिशत लोगों के शरीर में एंटी बॉडी बन चुकी है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बहुत ही कम है। यदि तीसरी लहर आई भी तो अधिक नुकसान नहीं होगा। कोरोना से बचाव के लिए लोगों को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।