संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को नागरिक अस्पताल में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की। इस दौरान 525 में से लगभग 425 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सातवें वेतन आयोग का लाभ देने, सेवा नियमों में संशोधन करने की मांग की। इन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर आंशिक प्रभाव पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर अपना कार्य चलाया। हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा, जच्चा-बच्चा टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, महिलाओं की प्रसूति सेवा, स्कूल हेल्थ, तपेदिक स्वास्थ्य सेवाएं, कोविड टीकाकरण और सैंपलिंग का कार्य प्रभावित हुआ।
एनएचएम कर्मचारी नेता संदीप कुंडू, गौरव सहगल, सुनील रेढू ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर रोष जता रहे हैं। मांगों को लेकर कई बार सरकार व अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी हैं लेकिन उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। अब कर्मचारियों को मिल रहे लाभ को भी छीनने का प्रयास किया जा रहा है। पांच दिन पहले फाइनेंस विभाग के सचिव की तरफ से कर्मचारियों के सेवा नियम समाप्त कर फिक्स वेतनमान देने का पत्र मिशन निदेशक को भेजा है। इससे कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सरकार ने 2018 में एनएचएम कर्मचारियों को सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों के भांति और उसी के आधार पर सेवा नियम का लाभ दिया था, लेकिन सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों को सरकार की तरफ से सातवें वेतन का लाभ भी दे दिया है और एनएचएम कर्मचारियों को आज तक इस लाभ से वंचित रखा है। ऐसे में कर्मियों को मजबूरन हड़ताल करनी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि अतिथि अध्यापकों की तर्ज पर एनएचएम कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। तमिलनाडू व मणिपुर की तर्ज पर नियमित पॉलिसी बनाई जाए। आकस्मिक मृत्यु पर 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व आश्रित को नौकरी देने का प्रावधान किया जाए।
अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर चलाया काम
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस सेवा, जच्चा-बच्चा टीकाकण, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, प्रसूति वार्ड व कोरोना टीकाकरण में अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई। इनमें सबसे अधिक कंप्यूटर का कार्य प्रभावित हुआ। एनएचएम के तहत नागरिक अस्पताल में लगभग 20 कर्मचारी कंप्यूटर कार्य करते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आउटसोर्स कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर कंप्यूटर का कार्य करवाया। यदि तीन दिन लगातार हड़ताल चली तो यह सभी कार्य प्रभावित हो जाएंगे।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कोई खास कार्य प्रभावित नहीं हुआ। अन्य कर्मचारियों की सुबह ही ड्यूटी लगा दी थी। एंबुलेंस सेवा, टीकाकरण, प्रसूति विभाग में कोई कार्य प्रभावित नहीं हुआ। कुछ कंप्यूटर कार्य के लिए भी आउटसोर्स कर्मचारियों को बुलाया गया था।
--डॉ. मंजू कदियान, सिविल सर्जन