जींद के नरवाना क्षेत्र के कालवन गांव में रविवार दोपहर सुलहेड़ा रोड के पास खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इसमें लगभग 150 एकड़ फसल जल कर राख हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण व टोहाना से दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सूचना मिलते ही धमतान साहिब चौकी पुलिस भी पहुंची गई।
पीड़ित किसान सुरेंद्र, दिलबाग, किताबा, विजय, प्रताप, बलवान, रामफल, प्रेम, शमशेर, पूर्ण, संदीप, कृष्ण, होशियार, होशियार सिंह जुलहेड़ा व सुरेश ने बताया कि अचानक ही जुलहेड़ा रोड के पास उनकी पक चुकी गेहूं की फसल में आग लग गई। पीड़ित किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई की तैयारी थी।
आज कल में कटाई का काम शुरू करना था लेकिन गेहूं की फसल में लगी आग ने खेतों को राख से भर दिया। फसल का एक दाना भी नहीं बचा। आशंका जताई कि गेहूं की मड़ाई के दौरान किसी मशीन से निकली चिनगारी से आग की घटना हुई होगी। आग लगने की सूचना पाकर तहसीलदार विजय कुमार मौके पर पहुंचे।
राज्यपाल को नरवाना से गुजरना था, इसलिए नहीं पहुंची दमकल की गाड़ी
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय सिरसा में भगवान जगन्नाथ के रथ के पवित्र पहियों के अनावरण कार्यक्रम में गए थे। इसके बाद उनको नरवाना होते चंडीगढ़ जाना था। ऐसे में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को सुरक्षा के तौर पर लगाया था। जब कालवन के खेतों में आग लगी तो ग्रामीणों ने नरवाना के फायर ब्रिगेड कार्यालय में फोन किया।
वहां तैनात कर्मचारी ने बताया कि हरियाणा के राज्यपाल नरवाना से गुजरने वाले हैं। इसमें उनकी ड्यूटी वहां पर लगी है। इसके कारण वह आग बुझाने के लिए नहीं आ सकता। इसके बाद टोहाना में फायर बिग्रेड को सूचना दी गई तो वहां से दो गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंची।
नरवाना से फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंचने से किसानों में रोष फैल गया। उन्होंने कहा कि नरवाना समेत 62 गांवों में फायर ब्रिगेड की केवल एक ही गाड़ी है, जो नाकाफी है। अगर नरवाना से गाड़ी पहुंच जाती तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।