जींद। जिले में करीब एक सप्ताह से बिजली कटौती से नाराज नौ गांवों के ग्रामीणों ने शनिवार की रात और रविवार को अलग-अलग स्थानों पर सड़कों पर जाम लगाया। कंडेला, शाहपुर, रामराय, बीबीपुर, बोहतवाला, हाट, कालवन, बेलरखां, गतौली के लोगों ने जाम लगा कर बिजली कटौती पर रोष जताया। कंडेला तथा शाहपुर में रविवार सुबह जाम खुलवाया गया जबकि जींद-हिसार नेशनल हाईवे पर लगातार 16 घंटे तक जाम को रविवार शाम छह बजे खत्म कराया गया। इस दौरान विभिन्न मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहा।
बिजली संकट थर्मल से कम मिल रही बिजली के कारण गहराया हुआ है। जिले में 55 लाख यूनिट की जरूरत है जबकि 34.34 लाख यूनिट ही बिजली मिल रही है। लगभग 21 लाख यूनिट बिजली कम होने के कारण लोड बढ़ने से कटौती हो रही है जिससे लोग परेशान हैं। बिजली संकट को लेकर नाराज नौ गांवों कंडेला, शाहपुर, रामराय, बीबीपुर, बोहतवाला, हाट, कालवन, बेलरखां, गतौली के लोगों ने शनिवार रात और रविवार को विभिन्न मार्गों पर जाम लगा दिया। कंडेला तथा शाहपुर के ग्रामीणों ने शनिवार रात जींद-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे, रामराय तथा राजपुरा भैण के ग्रामीणों ने रविवार को रामराय बस अड्डे पर जींद-हिसार नेशनल हाईवे, गांव बीबीपुर में जींद-भिवानी मार्ग, गांव बोहतवाला के ग्रामीणों ने जींद-नगूरां लिंक मार्ग, गांव हाट के ग्रामीणों ने सफीदों-गोहाना मार्ग, गांव बेलरखां के लोगों ने जींद-पटियाला, गांव कालवन के लोगों ने नरवाना-टोहाना व गतौली के लोगों ने बस अड्डे के निकट जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। इसके अलावा लोहचब और आसपास गांव के लोगों ने रात को बिजली कर्मचारियों को बाहर निकाल कर लोहचब, कोयल, बोहतवाला, खरल पावर स्टेशनों पर ताले जड़ दिए। नेशनल हाईवे बाधित करने और बिजली सब स्टेशन पर ताला लगाने की सूचना पर पुलिस तथा बिजली निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिजली निगम के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर बिजली घरों के ताले खुलवाए। शनिवार मध्य रात्रि बीबीपुर से भी रास्ता खुलवा दिया गया।
वहीं रविवार को गांव ईक्कस, बोहतवाला, हाट व आसपास के ग्रामीणों ने भी जाम लगाया। सदर थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि बिजली निगम के अधिकारियों को मौके पर बुला कर बिजली समस्या का समाधान करवा दिया गया है। रविवार दोपहर को सभी रास्ते खुलवा दिए गए।
दिनभर खेतों में काम, रात को नहीं मिल पाता आराम
जाम लगा रहे किसानों ने बताया कि वे दिनभर खेत में काम करते हैं और रात को बिजली न होने की वजह से मच्छरों और गर्मी की वजह से नींद नहीं आती है। छोटे बच्चों को गर्मी और मच्छरों से बचाने के लिए भी उनके पास कोई विकल्प नहीं है। इसके कारण बच्चे भी बीमार हो रहे हैं। शाम पांच बजे से सुबह सात बजे तक बिजली देने का शेड्यूल बिजली निगम ने जारी किया था लेकिन रात को भी बिजली निगम की तरफ से पूरी बिजली नहीं दी जा रही। शाम को बिजली आने का कोई निर्धारित समय नहीं है। चारा काटने और पशुओं को पानी पिलाने के लिए देर रात तक बिजली आने का इंतजार करते रहते हैं।
ओवरलोड के चलते हो रही गड़बड़ी
प्रदेश में करीब चार हजार मेगावाट बिजली की कमी है। इसी वजह से दिक्कत आ रही है। खेतों में गेहूं की फसल पकने की वजह से दिन में शार्ट सर्किट से आग लग सकती है। इसलिए सुबह सात से शाम पांच बजे तक गांवों में बिजली आपूर्ति बंद रखी जाती है। शाम को जैसे ही गांवों में बिजली आती है तो एक साथ लोड बढ़ने के कारण गड़बड़ी आती है। इस समस्या के समाधान के लिए निगम के अधिकारी काम कर रहे हैं।