भिंडावास झील में कलरव करते विदेशी पक्षी। संवाद
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झज्जर। प्रदेश की सबसे बड़ी वेटलैंड भिंडावास झील को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए झज्जर में कार्य चल रहा है। इस दिशा में उम्मीदों को पंख उस समय लगे थे, जब मई में सीएम मनोहर लाल झील का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसके बाद पर्यटन विभाग के अधिकारियों की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। भिंडावास पर्यटन के लिहाज से आकर्षण का केंद्र है। दुनिया भर से यहां पर सितंबर से मार्च माह के दौरान बड़ी संख्या प्रवासी पक्षी आते हैं। ऐसे में प्रवासी पक्षियों को देखने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। 1986 में बनाया गया भिंडावास का पक्षी विहार करीब 1017 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें से 700 एकड़ झील का दायरा है। यहां पर हर साल करीब 40 हजार देशी-विदेशी पक्षियों का आवागमन होता है।
भिंडावास शामिल हुआ रामसर साइट में अब नए सिरे से होगा विकास
एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील भिंडावास का पक्षी अभ्यारण दुनिया भर के पक्षी अभ्यारण के लिए काम करने वाली रामसर साइट में भी शामिल हो गया है। लिहाजा अब भिंडावास का नए तरीके से विकास न सिर्फ प्रवासी पक्षियों के प्रवास को लेकर किया जाएगा बल्कि पर्यटकों को आकर्षित करने की व्यवस्था भिंडावास एरिया में की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से एक प्लान भी केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया है।