बहादुरगढ़। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के कार्यालय में सोमवार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ी गई यातायात निरीक्षक निर्मला को झज्जर कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। परिवहन विभाग ने निर्मला को निलंबित भी कर दिया है। आरटीए सचिव ने मामले की विभाग को रिपोर्ट भी भेजी है। निर्मला को मुख्यमंत्री उड़न दस्ते और विजिलेंस ब्यूरो की संयुक्त टीम ने पकड़ा था। आरोप है कि निर्मला ने एक ट्रांसपोर्टर से आरसी देने के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
सोमवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी संदीप गुलिया के नेतृत्व में दस्ते और विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने निर्मला को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। आरटीए बहादुरगढ़ कार्यालय में कार्यरत यातायात निरीक्षक निर्मला यहां के सेक्टर-9 ए निवासी धर्मेंद्र से उसके दो ट्रकों की आरसी ट्रांसफर करने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। नाम ट्रांसफर की आरसी दिसंबर 2021 में ही बनी रखी थी, लेकिन पैसे न मिलने की वजह से निर्मला धर्मेंद्र को आरसी दे नहीं रही थी। इसकी शिकायत धर्मेंद्र ने सीएम उड़नदस्ते से की थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को निर्मला को रिश्वत लेते पकड़ा गया था। निर्मला को विजिलेंस की टीम ने मंगलवार दोपहर बाद झज्जर में न्यायिक दंडाधिकारी नेहा यादव की अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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यातायात निरीक्षक निर्मला को निलंबित कर दिया गया है। निर्मला के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेज दी गई है। कार्यालय में रिश्वतखोरी सहन नहीं की जाएगी। अगर भविष्य में भी कोई इस तरह रिश्वत की मांग करेगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -धारणा यादव, सचिव, आरटीए झज्जर (बहादुरगढ़)