हरियाणा के झज्जर में सिविल अस्पताल में मंगलवार दोपहर प्रसव के दो घंटे बाद संदिग्ध परिस्थितियों में जच्चा की मौत हो गई, हालांकि बच्चा सुरक्षित है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम कक्ष में रखवा दिया गया है। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होगा, इसके बाद ही हकीकत का पता लग सकेगा। इस मामले में सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
अलीगढ़ के फतेहलीपुर हाल बादली स्थित जिंदल भट्ठे पर काम करने वाले मनोज की पत्नी आरती गर्भवती थी। उसे मंगलवार को सुबह प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। दोपहर लगभग ढाई बजे आरती ने एक लड़के को जन्म दिया। तब तक आरती का स्वास्थ्य भी ठीक था, लेकिन दो घंटे बाद शाम को आरती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
इसकी सूचना डॉक्टरों को दी गई तो डॉक्टर मौके पर पहुंचे और जांच की, लेकिन तब तक आरती की मौत हो चुकी थी। मृतक आरती की सास व पति मनोज ने बताया कि आरती ने लगभग ढाई बजे लड़के को जन्म दिया था। उस समय उसकी हालत ठीक थी, लेकिन बाद में उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
स्टाफ ने भी आरती से केवल एक बार मिलने दिया। जब उन्होंने दोबारा मिलने के लिए बोला तो स्टाफ ने अभद्र व्यवहार भी किया। आरोप है कि आरती की हालत खराब थी, लेकिन उनको मिलने नहीं दिया। जब वह मिलने पहुंचे तो आरती का शरीर ठंडा पड़ चुका था। इसके बाद स्टॉफ ने उन्हें बाहर निकाल दिया। उन्होंने मांग की है कि इसकी जांच होनी चाहिए।
बच्चे को निकू वार्ड में कराया शिफ्ट, परिजनों के लिए खुलवाया वार्ड
आरती के बच्चे को निकू वार्ड में भर्ती कराया गया है। मृतका के परिजनों के लिए अलग से कमरा खुलवा दिया गया है ताकि रात को रुकने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं आए। इस मामले में सीएमओ ने जांच की बात कही है।
स्टॉफ व डॉक्टरों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आरती अचानक बेसुध हो गई थी। तुरंत डॉक्टरों ने आकर जांच की तो वह मृत थी। असली कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेंगे। अभद्र व्यवहार की कोई शिकायत नहीं मिली है।
-डॉ. अजय सिंगला, एसएमओ, सिविल अस्पताल, झज्जर
महिला की मौत का दुख है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई होगी। इसकी जांच करवाई जाएगी। नवजात को निकू वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया और परिजनों के लिए रात के लिए कमरा खोलने के लिए कह दिया गया है ताकि सर्दी में उनको दिक्कत न हो।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर