प्रदेश सरकार की तरफ से बेशक महिलाओं व 15 साल तक के बच्चों केेे लिए सरकारी व निजी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की गई हो, लेकिन झज्जर में अधिकांश निजी बस संचालक नियमों का पालन करते दिखाई नहीं दिए। बसों में कोरोना गाइडलाइन के तहत 50 प्रतिशत यात्रियों को बैठाना था। इन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ती दिखाई दी। नियम का पालन करवाने के लिए कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करते दिखाई नहीं दिया। आरटीए के अधिकारियों ने तो यहां तक कहा कि रविवार को ड्यूटी पर बैठते हैं, फिर इनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
रक्षाबंधन के त्योहार पर महिलाएं व 15 वर्ष के बच्चों का किराया हरियाणा सरकार की ओर से शनिवार 12 बजे से रविवार रात 12 बजे तक माफ किया गया है, लेकिन निजी बस संचालक अपनी मनमानी के चलते महिलाओं व 15 वर्ष के बच्चों से किराया वसूलते दिखाई दिए। महिलाओं ने बताया कि निजी बस संचालक उनसे किराए की मांग की, उन्होंने मना किया तो पर बस से उतारने की धमकी दी गई। वहीं, प्राइवेट बस संचालक कोरोना गाइडलाइन से अधिक सवारियां बैठा रहे हैं।
शहर के बस अड्डा परिसर पर काफी संख्या में महिलाओं के पहुंचने पर रोडवेज विभाग की तरफ से बिजली, पानी की सुविधा जहां उचित रूप से करवाई गई है। वहीं, बार-बार रोडवेज विभाग की ओर से लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट किया जा रहा था कि महिलाओं व 15 वर्ष के बच्चों का किराया निजी व सरकारी बसों में रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए सरकार की ओर से माफ किया गया है। काफी महिलाओं से बात करने पर उन्होंने बताया कि उनसे रोडवेज बसों में किराया नहीं लिया।
रोडवेज विभाग की जिम्मेदारी उनके पास है, निजी बसों में क्या हो रहा है यह आरटीए सचिव देखेगा। रोडवेज विभाग की बसों में यदि कुछ गलत होता है तो कार्रवाई की जाएगी।
- रविंद्र पाठक, जीएम रोडवेज, झज्जर।
रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में शनिवार दोपहर 12 बजे से रविवार रात 12 बजे तक रोडवेज और निजी बसों में महिलाओं और 15 साल तक के बच्चों से किराया नहीं लिया जाएगा। अगर कोई निजी बस परिचालक किराया वसूल रहा है तो रविवार को ड्यूटी पर बैठेंगे और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- लायक राम, आरटीए, बहादुरगढ़।