कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में निर्धारित नियमों का पालन करते हुए आगामी एक अक्तूबर से जिले में बाजरा खरीद प्रक्रिया शुरू हो रही है। जिला में किसानों की सुविधा के लिए बाजरा के कुल सात, धान के दो खरीद केंद्र व मूंग के लिए एक खरीद केंद्र बनाया गया है। यह जानकारी एडीसी जगनिवास ने दी। वे अपने कार्यालय में बाजरा खरीद प्रक्रिया के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षात्मक बैठक ले रहे थे। एडीसी ने खरीद एजेंसी सहित नोडल एजेंसी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 2250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरे की खरीद की जाएगी जबकि मूंग 7275 रुपये प्रति क्विंटल व धान 1940-1960 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा।
एडीसी जगनिवास ने बताया कि सरकार की ओर से मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर किए पंजीकरण, पटवारियों की ओर से की गई ई-गिरदावरी व हरसेक से हुई सैटेलाइट गिरदावरी की रिपोर्ट के तहत सत्यापन करवाया गया है। इस बार उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर ही खरीद केंद्रों पर फसलों की खरीद की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध तरीके से फसल बेचने वालों पर प्रशासन पूरी निगरानी रख रहा है और यदि कोई व्यक्ति किसी भी रूप से निर्धारित मापदंडों से हटकर फसल खरीद केंद्रों पर लाता है तो जांच के आधार पर उस पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एडीसी जगनिवास ने बताया कि जिले में बाजरा की खरीद अनाज मंडी बहादुरगढ़, बेरी, ढाकला, झज्जर, बादली, पाटौदा व मातनहेल में खरीद केंद्र बनाए गए हैं। खरीद एजेंसी हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस कार्पोरेशन के अधिकारियों को नियमित उठान सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने जिला के चारों एसडीएम को उठान के उपरांत फिजिकल वेरिफिकेशन साप्ताहिक रूप से करने के आदेश भी दिए। इस अवसर पर डीआरओ बस्तीराम और डीएफएससी मनीषा मेहरा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।