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विश्व कैंसर दिवस विशेष : आजादी के 75 साल बाद भी जिले के किसी सरकारी अस्पताल में नहीं कैंसर का उपचार

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हिसार। आजादी के 75 साल बाद भी जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में कैंसर के उपचार के लिए कीमोथैरेपी-रेडियोथैरेपी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिले के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा नहीं हैं। कैंसर के मरीजों को रैडियोथैरेपी-कीमोथैरेपी के लिए 100 किलोमीटर दूर पीजीआई रोहतक रेफर किया जाता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के पास यह आंकड़ा नहीं है कि जिले में कैंसर के कुल कितने मरीज हैं। निजी अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों का रिकॉर्ड सरकार के पास नहीं है। सरकारी अस्पताल में आने वाले कैंसर मरीजों का ही ब्योरा ही है। सीएमओ डॉ. रत्ना भारती का कहना है कि मर्ज को छिपाएं नहीं, पूरा इलाज कराकर खुशहाल जिंदगी जी सकते हैं।
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नागरिक अस्पताल में हर महीने 15 ओपीडी
सामान्य नागरिक अस्पताल में हर महीने करीब 15 कैंसर के मरीजों की ओपीडी हो रही हैं। हर साल कैंसर के करीब 200 नए मरीजों का पंजीकरण होता है। नागरिक अस्पताल के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. राजीव डाबला ने बताया कि बीते वर्ष नागरिक अस्पताल में 15 कैंसर पीड़ितों की सफल सर्जरी हुई है। सर्जरी के बाद ये मरीज अपने आप को स्वस्थ महसूस भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर की चार स्टेज होती हैं। पहली स्टेज में मरीज का उपचार अधिक बेहतर तरीके से हो सकता है। 40 साल की आयु के बाद लोगों को अपने स्वास्थ्य की जांच करानी चाहिए। पुरुषों में फेफडों का कैंसर, मुंह का कैंसर सबसे अधिक मिलता है। यह ध्रूमपान, धुआं, प्रदूषण वाले क्षेत्र में रहने से होता है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे अधिक मिलता है। इसके अलावा बच्चादानी का कैंसर मिल रहा है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की जांच करानी चाहिए। ब्रेस्ट की जांच महिलाएं अपने स्तर पर भी कर सकती हैं। मासिक धर्म चक्र में अनियमितता होने पर जांच करानी चाहिए।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि इलाज के साथ-साथ नागरिक अस्पताल कैंसर के मरीजों को रोडवेज में सफर करने की निशुल्क सुविधा भी उपलब्ध करवा रहा है। मौजूदा समय में हिसार जिले के 496 कैंसर मरीजों के रोडवेज में निशुल्क सफर करने के बस पास बने हुए हैं। डॉ. खतरेजा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीते वर्ष 2021 में 187 कैंसर मरीजों के बस पास जारी किए गए थे। इससे पहले 309 कैंसर मरीजों के पास बने थे।
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दो साल बाद भी पेंशन घोषणा अधूरी
वर्ष 2020 में प्रदेश सरकार ने बजट सत्र में कैंसर मरीजों को 2250 रुपये पेंशन शुरू करने का एलान किया था। करीब दो साल बाद भी घोषणा पूरी नहीं हो सकी। इस बारे में सरकार की ओर से कैंसर मरीजों का आंकड़ा जुटाने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। जिले में कैंसर मरीजों की संख्या का स्वास्थ्य विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। सरकारी अस्पताल में उपचार कराने वाले कैंसर मरीजों का ही ब्योरा भी उपलब्ध नहीं है।
हमारे नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों ने पिछले साल 15 कैंसर मरीजों के सफल ऑपरेशन किए थे। कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ हर संभव मदद की जाती है। रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा करने के लिए कैंसर मरीजों के पास भी बनाए जाते हैं। मेरी सभी से यही अपील है कि समय-समय पर कैंसर का चेकअप करवाएं ताकि समय पर ही इलाज शुरू हो सके। - डॉ. रत्ना भारती, सीएमओ, हिसार
हर गांव में कैंसर के औसतन 100 से अधिक मरीज हैं। कैंसर के मरीज को कीमोथैरेपी, रेडियाथैरेपी में औसतन 5 लाख रुपये तक का खर्च आता है। पंजाब सरकार कैंसर के मरीज को 1.50 लाख की आर्थिक सहायता देती है। हरियाणा सरकार को कैंसर मरीज को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देनी चाहिए। - रमेश पूनिया, जीव वैज्ञानिक
पुरूषों में फेफडों का कैंसर , मुंह का कैंसर सबसे अधिक मिलता है। यह ध्रूमपान, धुआं, प्रदूषण वाले क्षेत्र में रहने से होता है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे अधिक मिलता है। इसके अलावा बच्चादानी का कैंसर मिल रहा है। अच्छा भोजन लेना चाहिए। प्रदूषण, धू्म्रपान से बचें। 40 की आयु के बाद लोगों को अपने स्वास्थ्य की जांच नियमित करानी चाहिए। - डॉ. राजीव डाबला, कैंसर विशेषज्ञ
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