हांसी। नगर परिषद द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सोमवार को दोपहर बस अड्डे के पीछे फिरकी वाली गली में नप के कर्मचारी और दुकानदार आपस में उलझ गए। जब नपा कर्मचारी फिरकी वाली गली में पहुंचे तो वहां एक दुकानदार ने नगर परिषद कर्मचारियों का सामान उठाने को लेकर विरोध किया तो हाथपाई तक की नौबत आ गई। परिषद कर्मचारियों ने दुकानों के बाहर रखा सामान उठा लिया और परिषद में ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में डाल दिया। उसी दौरान फिरकी वाली गली में महिला दुकानदार के साथ काफी देर तक नगर परिषद की महिला कर्मचारी के साथ बहस हुई।
नप कर्मचारी महिला दुकानदार से बोले कि आपने दुकान के बाहर चार फुट का छप्पर लगाया हुआ है। इस बात को लेकर दुकानदार महिला व नगर परिषद कर्मचारियों के बीच काफी हंगामा हुआ और लोगों का जमावड़ा लग गया। जब नगर परिषद के कर्मचारी दुकान का छप्पर हटाने का प्रयास करने लगे तक महिला की आंखों में आंसू छलक आए और कहा कि यह सरकार महिलाओं को काम करने नहीं दे रही। महिला राज ने कहा कि हम भूखे मर जाएं, यही सरकार चाहती है। काफी देर हंगामे के बाद नगर परिषद के कर्मचारियों को महिला पुलिस बुलानी पड़ी। मगर उसके बाद भी हंगामा शांत नहीं हुआ और पुलिस व नप अधिकारी बैरंग लौट गए। टीम ने त्रिकोणा पार्क, सदर बाजार, जींद चौक, उमरा गेट, बड़सी गेट पर अभियान चलाया। टीम जब विश्वकर्मा चौक के समीप दुकानों के बाहर रखे फ्लैक्स उठा रही थी तो एक दुकानदार परिषद कर्मियों के साथ उलझ गया। दुकानदार ने कहा कि परिषद ने बिना किसी चेतावनी के उनका फलैक्स उठा लिया। उन्हें भी एक सप्ताह का नोटिस दिया जाए। एक अन्य दुकानदार ने कहा कि प्रताप बाजार जैसे मुख्य बाजारों में जमकर अतिक्रमण है, पहले उन्हें हटवाया जाए। आस पास के अन्य दुकानदारों ने उन्हें समझा-बुझा कर शांत करवाया। नगर परिषद अभियान के दौरान दुकानों के बाहर रखे सामान को कब्जे में लेकर ट्रैक्टर ट्राली लेकर चले गए। इस दौरान नप के एएसआई विजेन्द्र सिंह व अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
महिला के खिलाफ करवाएंगे मामला दर्ज -
नगर परिषद के कर्मचारी सोनू चंदा ने बताया कि उक्त राज महिला ने हमारे कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया है। अपनी दुकान के आगे चार फुट का छप्पर लगाया हुआ है जोकि बिल्कुल गलत है। इसको लेकर वह शहर थाने में शिकायत देकर महिला के खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे।
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एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है। जब एक महिला अपना परिवार पालने के लिए दुकान चला रही है, तो वह नप के कर्मचारी नहीं करने दे रहे। पहले अन्य दुकानों के छप्परों को हटवाया जाए उसके बाद ही वह अपनी दुकान के ऊपर लगे छप्पर को हटाएंगे। मैंने 15 हजार रुपये फाइनेंस पर लेकर यह छप्पर लगाया था।
- राज रानी, दुकानदार।