सिरसा। रोडवेज के सेवानिवृत्त स्टोर कीपर की बढ़ी पेंशन न देने मामले में कोर्ट ने अब डिपो की बोलेरो गाड़ी को भी जब्त करने का आदेश दिया है। इससे पहले बीते 10 सितंबर को कोर्ट ने रोडवेज महाप्रबंधक की गाड़ी को जब्त करने का आदेश दिया था। डिपो की दूसरी गाड़ी मौके पर न मिलने के कारण कोर्ट ने दूसरी गाड़ी जमा करवाने के निर्देश दिए थे।
रोडवेज की ओर से सीनियर को कम और जूनियर को अधिक पेंशन देने मामले को लेकर कई कर्मचारियों की ओर से कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसके बाद अब कोर्ट सभी मामलों की सुनवाई कर फैसले सुनाए जा रहे हैं। उक्त मामला सिरसा डिपो से सेवानिवृत्त स्टोर कीपर प्रताप सिंह से जुड़ा है। प्रताप सिंह 1980 में रोडवेज में स्टोर कीपर के पद पर भर्ती हुए थे। उसके बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को विभाग द्वारा ज्यादा सैलरी दी गई। वर्ष 2008 में प्रताप सिंह सेवानिवृत्त हुए तो उनकी पेंशन 14 हजार बनाई गई और उसके जूनियर कर्मचारियों की पेंशन 30 हजार रुपये। विभाग की इस नाइंसाफी के खिलाफ प्रताप ने दिसंबर 2018 में कोर्ट में याचिका दायर की। फरवरी 2020 में कोर्ट ने उसके हक में फैसला सुनाते हुए सिरसा डिपो को पीड़ित प्रताप को मुआवजा राशि जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बावजूद विभाग ने पालन नहीं किया। इसके बाद कोर्ट ने रोडवेज की गाड़ी अटैच करने का आदेश जारी कर दिया।
पहले रिटायर्ड मेकेनिक के मामले में उठी थी महाप्रबंधक की गाड़ी
इससे पहले भी रोडवेज के रिटायर्ड मेकेनिक नरेश कुमार की भी पेंशन कम होने के मामले में कोर्ट ने महाप्रबंधक की गाड़ी को जब्त कर लिया था। नरेश कुमार ने भी जूनियर और सीनियर की याचिका कोर्ट में दायर की थी। इसके बाद 10 सितंबर को महाप्रबंधक की गाड़ी कोर्ट के कर्मचारी ले गए। इसकी नीलामी के बाद कर्मचारी की रुकी हुई मुआवजा राशि दी जाएगी।