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मां बहू लाने की तैयारियों में जुटी थी, आई बेटे की शहादत की खबर

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मेजर अनुज राजपूत - फोटो : Hisar
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बालसमंद। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर के पटनीटॉप में मंगलवार को सेना का हेलीकॉप्टर क्रेश हो गया। हादसे में पायलेट डोभी गांव निवासी एवं मेजर अनुज राजपूत और उनके को पायलेट शहीद हो गए। हालांकि मेजर अनुज राजपूत का परिवार कई सालों से पंचकूला में रह रहा है।
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डोभी निवासी भारत भूषण ने बताया कि उनका भतीजा मेजर अनुज राजपूत अपने माता-पिता का इकलौते बेटे था। मंगलवार को हुई घटना में मेजर अनुज शहीद हो गए। अनुज की मां ऊषा सेक्टर-20 स्थित गांव कुंडी के सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। वह बेटे की सगाई के बाद उसकी शादी को लेकर काफी खुश थीं। वह अपने घर में बहू लाने की तैयारियों में जुटी हुईं थीं। मगर मंगलवार को ही बेटे की शहादत की खबर आई। फरवरी माह में अनुज की शादी होनी थी। अनुज के पिता कुलबंश जिला कोर्ट में वकील है। बुधवार को शहीद के पार्थिव शरीर का पंचकूला में अंतिम संस्कार किया गया।
पांच दिन पहले था जन्मदिन, डेढ़ महीने पहले हुई थी सगाई
मेजर अनुज राजपूत का पांच दिन पहले, यानी 18 सितंबर को जन्मदिन था। करीब डेढ़ महीने पहले 23 जुलाई को मेजर अनुज राजपूत की दिल्ली में सगाई भी हुई थी। फरवरी माह में अनुज की शादी को लेकर घर में तैयारियां चल रही थी। अनुज राजपूत की 12वीं तक पढ़ाई चंडीगढ़ में हुई। उसके एनडीए की पढ़ाई करने देहरादून चले गए थे।
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