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सूरत पुलिस थी अपनी, मंथली लेकर थाने के पास ही चलता था कॉल सेंटर में ठगी का खेल

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ठगी के आरोपी नितेश विजय खवानी ने खुलासा किया है कि उसके पास चार कॉल सेंटर थे। इनमें से मुख्य कॉल सेंटर सूरत में एक पुलिस स्टेशन से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर स्थित था। वह सूरत पुलिस को भी मंथली देता था। ठगी के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर सात दिन के लिए रिमांड पर लिए विजय खवानी ने प्राथमिक पूछताछ में यह खुलासा किया। सूरत पुलिस द्वारा उस पर कार्रवाई न करने के बारे में पूछने पर उसने बताया कि वह उस थाने की पुलिस को इसके लिए मंथली देता था। फिल्हाल पुलिस नितेश के बैंक खाते भी चेक करेगी और रिमांड अवधि में निशानदेही व बरामदगी के लिए मंगलवार को सूरत लेकर जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का ये मुख्य सरगना है। अगर कोई युवा इसके जाल में नहीं फंसता था तो उसे कोर्ट केस का भय दिखाता था और ठगी करता था। हिसार की साइबर क्राइम थाना पुलिस अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल से इसे प्रोडक्शन वारंट पर रिमांड पर लेकर आई है। इस मामले में पुलिस सूरत के सरदार नगर निवासी हिमांशु त्यागी, सुदरम रेजिडेंसी भेस्तान निवासी सितेश गोपाल भाई, बेगमपुरा निवासी मुस्तफा इम्तियाज कापड़िया को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से हिमांशु त्यागी का छह दिन का रिमांड जारी है। हिमांशु का रिमांड रविवार को खत्म होगा। हिमांशु से पूछताछ में ही नितेश का नाम सामने आया और पता चला कि नितेश के चार सेंटर हैं और वहां करीब 40 कर्मी काम करते थे। आरोपियों से पुलिस अब तक 12 मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड व 9500 रुपये बरामद कर चुकी है। पुलिस पूछताछ में ये भी सामने आया है कि नितेश विजय खवानी पेशे से हार्डवेयर इंजीनियर था। पत्नी भी प्रोफेसर है। रुपयों के लालच व अय्याशी की जिंदगी जीने के लिए उसने वर्ष 2018 में ये रास्ता अपना लिया था।
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