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बस स्टैंड बूथ पर सवारी भरने को लेकर रोडवेज और निजी बस कर्मियों में चले लात-घूंसे

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हिसार। बस अड्डा परिसर में बूथ पर निजी बस में सवारी भरने को लेकर रोडवेज कर्मियों व निजी बस संचालकों में मारपीट होने से दोनों पक्षों के 7 लोग चोटिल हो गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर लात घूंसों से हमला किया। दोनों पक्षों ने नागरिक अस्पताल में एमएलआर कटवाई। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मंगलवार सुबह करीब सवा 9 बजे बूथ नंबर 15 पर ईशरवाल बस सर्विस की निजी परमिट वाली बस में सवारी भरने को लेकर रोडवेज और निजी बस स्टाफ के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। रोडवेज बस अड्डा परिसर में करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। दोनों पक्षों का अड्डा इंचार्ज के कमरे में भी मारपीट हुई। रोडवेज स्टेशन सुपरवाइजर सुरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर पटेल सिंह, कर्मी नरेंद्र, ड्यूटी क्लर्क अजय और नगेंद्र घायल ने मेडिकल लीगल रिपोर्ट कटवाई है। दूसरी ओर निजी बस के चालक विनोद, परिचालक आनंद ने एमएलआर कटवाई है। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
आरोप : वर्कशॉप में ले जाकर बंधक बनाया
नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन बहल निवासी निजी बस चालक विनोद ने बताया कि वह निजी बस पर चालक के पद पर कार्यरत है। उनके साथ बस पर आनंद परिचालक है। हमारी बस हिसार-बहल रूट पर चलती है। बूथ नंबर 15 पर सुबह 9-05 से 9-12 तक हमारी बस का समय है। मंगलवार को मैंने बस बूथ पर लगा दी। बस में सवारियां बैठने लगी। अपने समय के अनुसार बस में सवारियां बैठाकर चले। गेट से निकलने से पहले रोडवेज कर्मचारियों ने बैरियर अड़ाकर बस को रुकवा लिया। इसके अलावा कर्मचारियों ने बस से सवारी उतार दी। इसी दौरान 15-20 कर्मचारी वहां पर पहुंचे और हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी। काफी देर तक लात-घूसे मारते रहे। इसके बाद मुझे वर्कशाप के अंदर ले गए। करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट करते रहे। आनंद वहां पर पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट की। रोडवेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सब कैद है।
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निजी बस कर्मचारियों ने दी जान से मारने की धमकी
अस्पताल में भर्ती रोडवेज स्टेशन सुपरवाइजर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह ईशरवाल बस सर्विस का हिसार से भट्टू का रूट था। मंगलवार को वह अपने रूट को छोड़कर अपनी बस में सैनीवास के लिए बस अड्डे के अंदर से सवारियां भरकर ले जा रहा था। बस वालों ने सरकारी बस के आगे अपनी बस लगाकर सवारियां भरी। उसे रोकने का प्रयास किया। रोडवेज कर्मियों ने उसे सवारी उतारकर अपने तय रूट पर सवारियां ले जाने के लिए अनुरोध किया। निजी बस चालक ने इनकार कर दिया। वह नहीं माना तो मुख्य गेट से पहले बैरियर लगाकर बस को रुकवाया। चालक विनोद और उसके साथियों ने झगड़ा करना शुरू कर दिया। उन्होंने फोन कर दूसरे लोगों को बुला लिए और मारपीट की। झगड़े में इंस्पेक्टर पटेल सिंह, चालक नरेंद्र, ड्यूटी क्लर्क अजय और नगेंद्र घायल हुए। इन लोगों ने एसएस के कमरे में आकर मारपीट की। रोडवेज कर्मियों को जान से मारने की धमकी दी।
मामले की जांच में सामने आया कि रोडवेज कर्मियों की कोई गलती नहीं है। प्राइवेट बस चालक अवैध तौर पर ले जाने का प्रयास कर रहा था। जब उसे रोडवेज कर्मियों ने रोकने का प्रयास तो हमारे कर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमारी ओर से सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट, जान से मारने की धमकी की शिकायत दी गई है। इसकी सूचना आरटीए को भी दी है। आरटीए ने निजी बस का 4500 रुपये का चालान भी किया है। - अनिल चौपड़ा, कार्यकारी यातायात प्रबंधक, हिसार
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