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हरी प्याज की आवक न होने से बढ़े प्याज के रेट, नवरात्रों में भी 50 रुपये तक पहुंचे

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हिसार। सितंबर माह की बारिश ने हरी प्याज की खेती को भी नुकसान पहुंचाया है। जिसके बाद प्याज कम होने की आशंका के चलते प्याज के रेट पिछले दस दिनों में दोगुने हो गए हैं। नवरात्र में मांग बेहद कम होने के बावजूद प्याज के दाम लगातार बढ़त रहे हैं। प्याज 25 रुपये किलोग्राम से भाव से उछलकर 40 रुपये हो गए हैं। रेहड़ी पर प्याज 50 रुपये किलोग्राम बिक रहे हैं। टमाटर के दाम भी 50 से 70 रुपये किलोग्राम हो गए।
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करीब 20 दिन पहले की तो प्याज के रेट के दाम 25 रुपये किलो थे। अब प्याज के रेट के दाम 40 से अधिक हो चुके हैं। सब्जी की रेहड़ी पर प्याज 50 रुपये किलोग्राम तक बिक रहा है। मंडी के व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार सितंबर माह में अत्याधिक बारिश के कारण हरियाणा में प्याज की काफी खेती नष्ट हो गई है। इन दिनों हरी प्याज की आवक के बाद नासिक की प्याज की डिमांड कम हो जाती थी। जिस कारण प्याज के रेट सामान्य रहते थे। इस बार हरी प्याज की आवक नहीं हो पा रही। जिस कारण नासिक की प्याज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आढ़तियों ने बताया कि प्याज के अलावा दूसरी सब्जियों के दामों पर भी असर पड़ा है। टमाटर के दाम भी 50 रुपये से लेकर 70 रुपये तक पहुंच रहे हैं।
मांसाखोर यूनियन के प्रधान मुकेश कुुमार ने इन दिनों नवरात्रों में बाकी सब्जियों के साथ-साथ प्याज के दाम भी काफी बढ़े हैं। आने वाले समय में भी सब्जियों के दाम कम होने की कम ही अपेक्षा है।
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- प्याज के दाम बढ़ने के कारण मैंने सलाद में प्याज काटना कम कर दिया है। जहां पहले बड़ी प्याज को सब्जी में डालते थे। अब उसकी जगह छोटी प्याज को डालने लगे है। टमाटर के रेट भी बढ़ गए हैं।
- सोनिका गृहिणी, डिफेंस कॉलोनी।
- प्याज की कीमत बढ़ने पर सब्जी में प्याज की जगह थोड़ी अधिक मात्रा में लहसुन का प्रयोग करेंगे। जिसके कारण सब्जी का स्वाद में थोड़ा बदलाव होता है। नवरात्र में वैसे भी हम प्याज उपयोग नहीं करते।
ज्योति, बैंक कॉलोनी।
- बढ़ती प्याज की कीमत के कारण मैंने अधिक प्याज की खपत वाली सब्जियां बनाना कम कर दिया है। भिंडी, करेला को कम उपयोग करेंगे। प्याज को सलाद में कम काट रहे हैं। पहले प्याज पर हर सप्ताह 50 रुपये खर्च होते थे। अब 100 रुपये लग रहे हैं।
संतोष, मिलगेट।
प्याज के रेट बढ़ने से हमने सब्जी में प्याज डालना बंद कर दिया है। जिसके चलते सब्जी में टमाटर व आमचूर का अधिक प्रयोग करने लगे हैं। कुछ सब्जियों में कचरी का प्रयोग कर रहे हैं।
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साक्षी, कमलानगर।
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