हिसार। उत्तराखंड, चंडीगढ़ की प्रवर्तन निदेशालय की 8 सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित नलवा लैब में 13 घंटे तक सर्च अभियान चलाया। शुक्रवार रात करीब 8 बजे टीम अपने साथ हार्ड डिस्क, सभी के मोबाइल, सिम सहित अन्य दस्तावेज लेकर रवाना हो गई। टीम ने यह सर्च अभियान हरिद्वार कुंभ मेले में कोरोना की फर्जी रिपोर्ट के आधार पर किए गए घोटाले के मामले में चलाया।
जानकारी के अनुसार ईडी की टीम शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस बल के साथ नलवा लैब पर पहुंची। टीम के अंदर प्रवेश करने के बाद लैब में काम कर रहे किसी भी व्यक्ति को बाहर नहीं आने दिया। गेट पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। टीम दोपहर के समय लैब संचालक एवं आईएमए के जिला प्र्रधान डॉ. जेपीएस नलवा के बेटे को बाहर लेकर गई। बाद में टीम के सदस्य लौट आए। टीम अपने साथ लैब में लगाए गए सभी कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और कर्मचारियों के मोबाइल फोन ले गई है। वहीं कुछ दस्तावेज भी टीम अपने साथ सील कर ले गई है।
ईडी चंडीगढ़ के डिप्टी डायरेक्टर नीरज गुप्ता ने ट्वीट कर बताया कि नोवस पैथ लैब, डीएनए लैब, मैक्स कारपोरेट सर्विस, डॉ. लाल चंदानी लैब, नलवा लैब के कार्यालय व आवासीय स्थानों पर सर्च अभियान चलाया है। देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, नोएडा, हिसार में यह अभियान चलाया गया। यह लैब कोविड टेस्टिंग में घोटाले से जुड़ी हैं।
यह है मामला...
हरिद्वार के कुंभ मेले में कोरोना जांच में फर्जीवाड़े मामले में जांच कर रही है। हिसार के आईएमए प्रधान डॉ. जेपी एस नलवा इस लैब का नाम भी इससे जुड़ा था। कुंभ में आने वालों की एक लाख से ज्यादा फर्जी कोरोना रिपोर्ट जारी करने का खुलासा हुआ था। हरिद्वार के सीएमओ ने मैक्स कारपोरेट, चंदानी लैब, नलवा पैथोलॉजी लैब के खिलाफ 420, 468, 471, 188, 120बी, 269, 270 और आपदा अधिनियम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया हुआ है ।
ईडी की टीम हार्ड डिस्क व अन्य दस्तावेज लेकर जाते हुए- संवाद- फोटो : Hisar