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डेंगू आशंकित महिला ने पैसे के अभाव में तोड़ा दम, 21 नए मरीज मिले

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महावीर कॉलोनी में मृतक गीता की हिस्ट्री लेने पहुंचे एमपीएचडब्ल्यू नूर मोहमद, आशीष कुमार। साथ मे? - फोटो : Hisar
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हिसार। जिले में डेंगू का कहर बढ़ने लगा है। डेंगू आशंकित महावीर कॉलोनी निवासी महिला ने रुपये के अभाव में दम तोड़ दिया। हालांकि विभाग ने इस मौत की पुष्टि नहीं की है। उधर, 13 वर्षीय बच्चे की डेंगू से मौत होने के चार दिन बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसके डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। जीजेयू में तैनात सीएसआई की बेटे ने बेड न मिलने पर 23 अक्तूबर को दम तोड़ दिया था।
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बुधवार को जिले में डेंगू के 21 नए मरीज मिले। अब तक मरीजों का आंकड़ा 271 पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल नूर मोहम्मद व अन्य ने बुधवार को सेक्टर 16-17 में गर्भवती महिला की मौत के मामले, 13 साल के बच्चे और महावीर कॉलोनी में महिला की मौत के बाद उनकी हिस्ट्री जानी।
पिता के पास आया फोन, आपके बच्चे की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव है
जीजेयू में सीएसआई सतीश ने बताया कि उसके बेटे भुवन को 22 अक्तूबर को नागरिक अस्पताल लेकर गए थे। वहां टेस्ट करने पर उसकी प्लेटलेट्स 1.26 लाख थी। चिकित्सकों ने दाखिल नहीं किया और दवा देकर घर भेज दिया। इसके बाद 23 अक्तूबर को दोपहर 3 बजे फिर से नागरिक अस्पताल लेकर गए। टेस्ट कराया तो प्लेटलेट्स 14 हजार मिली। तब चिकित्सकों ने कहा कि यहां बेड नहीं है। इसके बाद शहर के एक-दो अस्पताल में जाने के बाद उसे एक अस्पताल में दाखिल कराया गया। वहां बच्चे को दवा दी गई। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर ऑक्सीजन लाकर दूसरे निजी अस्पताल में भेजा गया। मगर वहां बेड व आक्सीजन नहीं मिली। फिर एक निजी बच्चों के अस्पताल में लेकर गए, जहां रात करीब सवा दस बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बेटे की मौत के चार दिन बाद 27 अक्तूबर को नागरिक अस्पताल से फोन आया कि आपका बच्चा डेंगू पॉजिटिव है और वह कहां है। यह सुन मेरी आंखों में आंसू आ गए, मैंने कहा अब वह इस दुनिया में नहीं रहा। परिजनों के मुताबिक निजी अस्पताल में सही उपचार न मिलने के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है।
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66 हजार रुपये खर्च के बाद भी नहीं बच सकी महिला
महावीर कॉलोनी निवासी 48 वर्षीय महिला के इलाज पर 66 हजार रुपये खर्च होने के बाद उसकी जान नहीं बच सकी। निजी लैब की रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव पाए जाने के बाद महिला का शहर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। महिला को एक सिंगल डोनर प्लेटलेट लग चुकी थी। दूसरी खरीदी जा चुकी थी, लेकिन लगवा नहीं पाए। आर्थिक कमजोर होने के कारण परिजनों ने डॉ. रमेश पूनिया से मदद मांगी। डॉ. पूनिया ने ऑक्सीजन सिलिंडर और रेगुलेटर का इंतजाम करवाया। अस्पताल से छुट्टी लेकर परिजन उसे घर ले गए। मंगलवार रात करीब दो बजे महिला ने दम तोड़ दिया। जानकारी मिली है कि महिला के मल्टीआर्गन फेल हो गए थे। महिला को डेंगू, कार्डिक अरेस्ट, गुर्दे खराब हो चुके थे।
निजी अस्पतालों में सभी बेड फुल
डेंगू व वायरल बुखार के कारण शहर के कई निजी अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं। जो मरीज इन अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, उन मरीजों को अन्य अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा है।
- सर्वोदय अस्पताल में सभी 100 बेड फुल
- जिंदल अस्पताल में भी सभी बेड फुल
- सीएमसी में सभी 110 बेड पर मरीज दाखिल
- आधार अस्पताल में सभी 200 बेड फुल
यहां मिले डेंगू के मरीज
डा. सुभाष खतरेजा ने बताया कि अमरदीप कालोनी में 30 वर्षीय युवती व 48 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति, सेक्टर 16 में 44 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति, अर्बन एस्टेट में 58 वर्षीय व्यक्ति, एमसी कालोनी में 12 वर्षीय बच्चा, कैनाल गेस्ट हाउस में 66 वर्षीय युवक, ऋषि नगर में 34 वर्षीय युवक, न्यू ऋषि नगर में 38 वर्षीय युवती, सलेमगढ़ में 23 वर्षीय युवक, हरि नगर में पांच साल का बच्चा और 15 वर्षीय किशोरी, हाउसिंग बोर्ड कालोनी में 15 वर्षीय किशोर आदि क्षेत्रों में डेंगू पीड़ित मिले।
सिंगल डोनर प्लेटलेट्स के लिए मारामारी
सिंगल डोनर प्लेटलेट्स के लिए मरीजों के परिजन लगातार ब्लड बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कहीं किट की कमी है तो कहीं डोनर उपलब्ध नहीं हो पा रहे। हर जगह स्थिति गंभीर हो गई है।
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