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पोस्टमार्टम में खुलासा: हिसार के डॉ. अशोक गर्ग के मुंह-नाक से नहीं निकले झाग, पेट में मिला 1.5 लीटर केमिकल

Thu, 11 May 2023 08:52 AM IST
नवीन दलाल सुरेश सहारण, हिसार (हरियाणा)

सार

हिसार के डॉ. अशोक गर्ग की मौत मामले में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद बड़े खुलासे हुए हैं। पता लगा कि डॉक्टर के मुंह-नाक से झाग नहीं निकले रहे थे और पेट में 1.5 लीटर केमिकल मिला है। अब इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि अगर उन्होंने खुद कीटनाशक नहीं पीया तो किसने उन्हें पिलाया?
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डॉक्टर अशोक गर्ग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिसार के मशहूर नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक गर्ग की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि डाॅ. गर्ग ने जीते जी कीटनाशक नहीं पीया। उनके पेट से 1.5 लीटर केमिकल मिला है, जिसका रंग भी नहीं बदला है। मुंह और नाक में वही केमिकल मिला है जो पेट में है। तीन चिकित्सकों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभी मौत के कारण उजागर नहीं किए हैं।

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विसरा जांच के लिए भेजा?
शरीर के अंदर से लिए गए विसरा के सैंपल मंगलवार को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा और हिसार लैब में भेजे गए हैं। वहीं, पुलिस सुसाइड नोट की लिखावट का मिलान कराने के लिए मधुबन लैब भेजेगी। हालांकि आजाद नगर थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी अरुणा गर्ग के बयान पर 14 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।

शरीर में जाते ही केमिकल बदल लेता है रंग
चिकित्सकों द्वारा बनाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा है कि मृतक के पेट के अंदर 1.5 लीटर केमिकल (कीटनाशक) मिला है। केमिकल के भौतिक गुण आंखों से देखे जा सकते हैं। मृतक के पेट, आंत, मुंह, नाक और श्वास नली में जो केमिकल मिला है, वह एक जैसा प्रतीत हो रहा है। केमिकल का रंग नहीं बदला हुआ है, जबकि अक्सर शरीर के अंदर जाते ही केमिकल का रंग बदल जाता है और उसके अंदर खून मिल जाता है, लेकिन, इस केस में ऐसा नहीं है।

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पेट-आंत के अंदरूनी हिस्से में नहीं मिला कोई बदलाव

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के पेट और आंत की अंदरूनी हिस्सों पर जहर से होने वाले बदलाव नजर नहीं आए हैं, जबकि इतनी ज्यादा मात्रा में कीटनाशक पीने से बदलाव मिलने चाहिए थे। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों को जहर लेने पर संदेह है। उन्हाेंने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मौत के बाद कीटनाशक पेट में गया है। बोर्ड ने मौत का कारण नहीं बताया है और लिखा कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।

पत्नी ने दिया था बयान, डॉ. गर्ग के मुंह और नाक से निकल रहे थे झाग
आजाद नगर थाना पुलिस को दिए गए बयान में मृतक डॉ. अशोक गर्ग की पत्नी डॉ. अरुणा गर्ग ने बताया था कि बेटे के साथ जब घर पहुंचे तो हमने देखा कि पति के मुंह व नाक से गुलाबी रंग के झाग निकल रहे थे और बेहोशी की हालत में थे। पोस्टमार्टम में मुंह और नाक में कोई झाग नहीं मिले।

सुसाइड नोट को लैब में भेजा जाएगा
पुलिस के अनुसार मृतक डॉ. अशोक गर्ग के पास से दो पेज का सुसाइड नोट मिला था। उनकी पत्नी ने सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा था। सुसाइड नोट में 14 लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। पुलिस अब सुसाइड नोट को मधुबन लैब में राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजेगी।
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सुसाइड नोट में उल्लेखित बातों का सत्यापन करके जांच को आगे बढ़ाया जाएगा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं दिखाई गई है, लेकिन मौत का अंतिम कारण लैब रिपोर्ट प्राप्त होने तक पेंडिंग रखा गया है। साथ ही जिन व्यक्तियों के नामों का जिक्र किया गया है उनको शामिल जांच करके सुसाइड नोट में उल्लेखित बातों का सत्यापन करके जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। -गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक।

मौत के असली कारण विसरा जांच रिपोर्ट में ही सामने आएंगे
अगर इंसान खुद कीटनाशक पीता है तो उसके पेट के अलावा खून के साथ कीटनाशक अन्य अंगों में भी चला जाता है। अगर मृत व्यक्ति को कोई कीटनाशक पिलाए तो वह सिर्फ पेट के अंदर मिलेगा। मौत के असली कारण विसरा जांच रिपोर्ट में ही सामने आएंगे। - डॉ. विजय कुमार, फॉरेंसिक विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज अग्रोहा।
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