पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के पेट और आंत की अंदरूनी हिस्सों पर जहर से होने वाले बदलाव नजर नहीं आए हैं, जबकि इतनी ज्यादा मात्रा में कीटनाशक पीने से बदलाव मिलने चाहिए थे। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों को जहर लेने पर संदेह है। उन्हाेंने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मौत के बाद कीटनाशक पेट में गया है। बोर्ड ने मौत का कारण नहीं बताया है और लिखा कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।
पत्नी ने दिया था बयान, डॉ. गर्ग के मुंह और नाक से निकल रहे थे झाग
आजाद नगर थाना पुलिस को दिए गए बयान में मृतक डॉ. अशोक गर्ग की पत्नी डॉ. अरुणा गर्ग ने बताया था कि बेटे के साथ जब घर पहुंचे तो हमने देखा कि पति के मुंह व नाक से गुलाबी रंग के झाग निकल रहे थे और बेहोशी की हालत में थे। पोस्टमार्टम में मुंह और नाक में कोई झाग नहीं मिले।
सुसाइड नोट को लैब में भेजा जाएगा
पुलिस के अनुसार मृतक डॉ. अशोक गर्ग के पास से दो पेज का सुसाइड नोट मिला था। उनकी पत्नी ने सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा था। सुसाइड नोट में 14 लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। पुलिस अब सुसाइड नोट को मधुबन लैब में राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं दिखाई गई है, लेकिन मौत का अंतिम कारण लैब रिपोर्ट प्राप्त होने तक पेंडिंग रखा गया है। साथ ही जिन व्यक्तियों के नामों का जिक्र किया गया है उनको शामिल जांच करके सुसाइड नोट में उल्लेखित बातों का सत्यापन करके जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। -गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक।
मौत के असली कारण विसरा जांच रिपोर्ट में ही सामने आएंगे
अगर इंसान खुद कीटनाशक पीता है तो उसके पेट के अलावा खून के साथ कीटनाशक अन्य अंगों में भी चला जाता है। अगर मृत व्यक्ति को कोई कीटनाशक पिलाए तो वह सिर्फ पेट के अंदर मिलेगा। मौत के असली कारण विसरा जांच रिपोर्ट में ही सामने आएंगे। - डॉ. विजय कुमार, फॉरेंसिक विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज अग्रोहा।