स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश किया है। विभाग ने बुधवार देर रात धत्तरवाल अस्पताल पर छापा मारकर अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रिंटर और अन्य रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। इस मामले में तीन महिलाओं पूनम, गीता और जसबीर को गिरफ्तार किया गया है। अस्पताल की संचालिका डॉ. उर्मिला धत्तरवाल की तलाश जारी है। टीम ने बताया कि गिरोह के चार सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया है।
भ्रूण लिंग जांच गिरोह का खुलासा करने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. प्रभु दयाल, डॉ. कामिद मोंगा, अंकित व अजय शामिल हैं। अस्पताल पर बुधवार रात 8.30 बजे से लेकर सुबह तक कार्रवाई की गई। रात को हिसार सिविल अस्पताल की सीएमओ डॉक्टर रत्ना भारती भी पहुंचीं। टीम के सदस्य डॉ. कामिद मोंगा ने बताया कि 20 जुलाई को सूचना मिली थी कि धत्तरवाल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाकर भ्रूण लिंग जांच की जाती है।
टीम ने अपनी तरफ से नकली ग्राहक भेजा, जिसका अल्ट्रासाउंड 23 जुलाई को कराया गया। इस पर डॉक्टर ने रिपोर्ट नहीं बताई और कहा कि दलाल के माध्यम से रिपोर्ट पता करें। गीता और पूनम ने उससे संपर्क किया और कहा कि 15 दिन बाद फाइनल अल्ट्रासाउंड किया जाएगा। उस दिन रिपोर्ट बताई जाएगी। 40 हजार रुपये में सौदा तय किया गया।
गीता एक निजी अस्पताल में कार्यरत है और पूनम ने जीएनएम का कोर्स किया है। 25 जुलाई को गीता ने पैसे मांगे और रिपोर्ट देने की बात कही। उस दिन टीम बाहर थी। बोगस ग्राहक के जरिये दो दिन मांगे गए। बुधवार को हमें जिंदल अस्पताल के बाहर बुलाया गया। शाम चार बजे फोन आया कि रिपोर्ट ले जाएं और पैसे दे जाएं। पांच बजे हमने गीता को पैसों सहित मौके से ही पकड़ लिया।
उसके बाद पूनम को पकड़ा गया। उसके बाद दोनों को लेकर हांसी के धत्तरवाल अस्पताल पहुंचे। हमारे जरिये भेजे ग्राहक ने बताया कि स्टाफ नर्स जसबीर और डाक्टर उर्मिला धत्तरवाल ने ही अल्ट्रासाउंड किया। अस्पताल में लंबे समय से भ्रूण लिंग जांच की जा रही थी।
पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर डॉ. उर्मिला धत्तरवाल, जसबीर सिंह, गीता और पूनम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर धत्तरवाल अभी गिरफ्त से बाहर हैं।
भ्रूण लिंग की जांच करने की सूचना देने पर सरकार देगी एक लाख रुपये
डॉ. प्रभु दयाल ने कहा कि सरकार के जरिये बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे की ओर सरकार कदम बढ़ा रही है। मगर, कुछ लोग थोड़े से पैसों के चक्कर में भ्रूण हत्या करते हैं। डॉ. प्रभु दयाल ने कहा कि जो भ्रूण लिंग जांच करवाने की हमें शिकायत देगा उसको सरकार एक लाख रूपये प्रोत्साहन राशि देगी।
हमारे खिलाफ रची गई साजिश
डॉक्टर उर्मिला धत्तरवाल के पति जितेंद्र धत्तरवाल ने कहा कि हमारे खिलाफ साजिश रची गई है। उसी के तहत हमें बदनाम करने के लिए झूठे गवाह तैयार किए गए हैं। हमें कानून पर पूरा विश्वास हैं और हम निर्दोष साबित होंगे।