कृषि मेले में फसलों के बारे में जानकारी लेते किसान
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हिसार। दिनों-दिन गिरता भूमिगत जल स्तर चिंता का विषय है। ऐसे में जल संरक्षण के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित बचेगा। जल की महत्ता को देखते हुए इस बार कृषि मेले का विषय भी जल संरक्षण रखा गया ताकि किसानों को जागरूक किया जा सके। यह कहना है एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज का। वे वीरवार को एचएयू में चल रहे दो दिवसीय कृषि मेले के समापन अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसान और कृषि वैज्ञानिक एक-दूसरे के पूरक हैं। जब तक वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तकनीक किसानों तक नहीं पहुंचेगी और किसान उसका उपयोग करने के बाद उसकी खामियां व समस्याएं नहीं बताएंगे तब तक वह अनुसंधान सफल नहीं होगा। मेले में करीब 52 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया।
इस दौरान उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि कृषि मेला किसानों के लिए बहुत ही लाभकारी है। इस मौके पर विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रामनिवास ढांडा, कुलपति के ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, कुलसचिव डॉ. राजवीर सिंह, अनुसंधान निदेशक डॉ. एस.के. सहरावत, संयुक्त निदेशक डॉ. कृष्ण यादव आदि मौजूद रहे।