हिसार। कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर कितनी भयावह रहीं। यह बात किसी से भी अछूती नहीं है। अब विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका जता रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी पूरी है। लेकिन विभाग में स्वास्थ्य कर्मवीरों के औसतन 40 फीसदी पद अभी भी रिक्त पड़े हैं। ऐसे में तीसरी लहर से कैसे निपटा जाएगा। इस बारे में जीव वैज्ञानिक डॉ. रमेश पूनिया ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डाल समस्या को उजागर किया है।
स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पड़े पदो में चिकित्सक, स्टाफ नर्स, बॉयोलॉजिस्ट, एलटी, रेडियोग्राफर, रेडियोलॉजिस्ट, फार्मेसी ऑफिसर, फिजियोथेरेपिस्ट एवं अन्य कर्मचारी शामिल हैं। सरकार द्वारा हर सुविधा मुहैया करवाने के दावे किए जा रहे हैं। इस ओर न तो पंचकूला हेडक्वार्टर के विभागीय अधिकारी और न सरकार गंभीर है, ताकि जल्द नई भर्तियां कर यह पद भरे जाएं। यह हिसार में ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में कमी है।
पद स्वीकृत खाली
मेडिकल ऑफिसर 3596 980
सीनियर मेडिकल ऑफिसर 590 209
नर्सिंग सिस्टर 436 228
पब्लिक हेल्थ नर्स 117 96
स्टाफ नर्स 4403 2143
दंत चिकित्सक 703 110
सीनियर दंत चिकित्सक 53 26
फार्मेसी ऑफिसर 1082 366
चीफ फार्मेसी ऑफिसर 36 16
ओपथलमिक असिस्टेंट 195 117
रेडियोग्राफर 332 232
एलटी 1057 711
सीटीओ 46 33
लैब अटेंडेंट 32 28
ईसीजी टेक्निशियन 95 67
फिजियोथैरेपिस्ट 62 55
जीव वैज्ञानिक 17 11
चुनाव की तरह 6 माह में पद भी भरे
डॉ. पूनिया ने पोस्ट में यह भी लिखा है कि लोकतंत्र में किसी माननीय की जगह सीट खाली होने पर 6 माह में चुनाव करवाना जरूरी है। उसी अनुसार विभाग में अधिकारी या कर्मचारी की जगह खाली होने पर उसे भरने के लिए किसी दूसरे योग्य व्यक्ति को उसका पद सौंपा जाए। यह आमजन के हित में होगा।