इसके बाद आरोपी अफजल की मुलाकात नजीर अहमद खांडे के माध्यम से आरोपी राजकुमार निवासी खांडा खेड़ी जिला हिसार से हुई। आरोपी अफजल ने पांच अगस्त को ही एक करोड़ रुपये में पेपर और आंसर की दिल्ली एयरपोर्ट पर आरोपी राजकुमार को दे दिया। इसमें राजकुमार ने पांच लाख रुपये नकद दिए। साथ ही बाकी 95 लाख रुपये परीक्षा के बाद दिए जाने की बात हुई।
प्रश्नपत्र और आंसर-की हासिल करने के बाद आरोपी राजकुमार ने दो लोगों को एक-एक करोड़ रुपये में यह बेच दिया। इनमें उसका दोस्त रोहतक रिटोली निवासी वेदप्रकाश और उसके भाई कुलदीप का दोस्त हिसार निवासी आरोपी नरेंद्र शामिल हैं।
इसके बाद आरोपी नरेंद्र ने आंसर-की अपने दोस्त माजरा प्यो निवासी नवीन व ढाणी खुशहाल जिला हिसार निवासी निहाल सिंह को दी, जिसने 10-10 लाख रुपये प्रत्येक उम्मीदवार से इसका सौदा किया। फिर आरोपी नरेंद्र ने 6 अगस्त को उसके साथी सोनू व साहिल दोनों निवासी चीडी जिला रोहतक को कैथल आकर पेपर व आंसर की सौंपी। उनके द्वारा नरेंद्र के कहने पर आंसर की आरोपी कैथल में बालाजी अकादमी संचालक थुआ निवासी रमेश कुमार को दी गई। फिर आरोपी रमेश द्वारा आंसर की आगे कुछ उम्मीदवारों को बेची गई।
88 आरोपियों की संलिप्तता उजागर, 28 गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार मामले में अब तक 88 लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिसमें से 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है व शेष की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी मुजफ्फर अहमद खान सालभर पहले उसी प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था, जिसमें यह पेपर प्रकाशित हुआ था, जो वहां के कर्मचारी जितेंद्र के संपर्क में था और उसी की मदद से पेपर लीक किया गया।