फतेहाबाद। कोरोना टीकाकरण में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को शामिल करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। ऐसे में आरबीएसके यानी की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें सरकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों का टीकाकरण करेंगी। इसके अलावा अस्पताल से टीमों का गठन किया जाएगा, ये टीमें निजी स्कूलों में जाकर टीकाकरण करेंगी।
3 जनवरी से शुरू होने जा रहे इनके टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कोवाक्सीन की 50 हजार डोज की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के पास करीब 35 हजार डोज का स्टॉक है। किशोरों के टीकाकरण को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने रूपरेखा भी तैयार कर ली है। 15 से 18 आयु वर्ग में कक्षा दसवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थी शामिल है, जो कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ रहे है। इनकी संख्या करीब 42 हजार है। स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक 15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों को कोवाक्सीन की डोज लगाई जाएगी। स्कूलों से मिले आंकड़ों के मुताबिक इनकी संख्या करीब 42 हजार है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के पास 35 हजार कोवाक्सीन का स्टॉक भी है। विभाग ने 50 हजार कोवाक्सीन की डोज मांगी है ताकि पहली और दूसरी डोज लगाने में दिक्कत न आएं।
टीम में शामिल रहेंगे डॉक्टर और नर्स
कोरोना टीकाकरण को लेकर किसी भी विद्यार्थी को दिक्कत न आएं इसलिए इसमें डॉक्टर भी शामिल रहेंगे। इसके अलावा टीम में नर्स और डाटा एंट्री ऑपरेटर भी होगा। जिले में आरबीएसके की 8 टीमें है।
सख्ती का डर : 16549 ने करवाया टीकाकरण
कोरोना टीकाकरण न करवाने वालों पर एक जनवरी से सख्ती की जा रही है। इसको लेकर टीकाकरण के लिए लोग आगे आ रहे है। बुधवार को जिले में 16549 लोगों ने टीकाकरण करवाया है। 3337 लोगों ने कोविशील्ड की पहली और 11542 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है। इसके अलावा 882 लोगों ने कोवाक्सीन की पहली और 788 ने दूसरी डोज लगवाई है।
जिले में नहीं मिला कोरोना का नया केस
कोरोना संक्रमण को लेकर जिले में राहत है। बुधवार को जिले में कोरोना का नया केस नहीं मिला है। बुधवार को जिले में कोरोना के 724 सैंपल लिए गए। इसमें आरटीपीसीआर के 623 सैंपल शामिल है। राहत की बात यह है कि जिले में फिलहाल कोई एक्टिव केस नहीं है।
कोट
15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण 3 जनवरी से शुरू होना है। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग के साथ तालमेल करके स्कूलों में ही टीकाकरण किया जाएगा। इसको लेकर टीमों का गठन किया जा रहा है।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन