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शहर में 31 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया, गाजियाबाद की एजेंसी घर-घर जाकर देगी नोटिस

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मुकेश खुराना
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फतेहाबाद। शहर के लोग और सरकारी विभाग प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भर रहे। नगर परिषद की रिपोर्ट में 31 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। सरकारी विभागों की तरफ भी करीब साढ़े 15 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
प्रॉपर्टी टैक्सी वसूली को लेकर नप सख्ती करने जा रहा है। नोटिस देने के लिए नप ने निजी एजेंसी को कार्य दे दिया है। गाजियाबाद की ये एजेंसी घर-घर जाकर नोटिस देगी। इसके अलावा रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। नगर परिषद के पास प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर रजिस्टर भी तैयार नहीं है। एजेंसी को नप 45 रुपये प्रति घर के हिसाब से भुगतान करेगा। नप अधिकारियों की माने तो अगर आधे प्रॉपर्टी टैक्स की भी वसूली होती है तो नप को विकास कार्य करवाने में आसानी होगी।
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जानिए क्या है जिले में प्रॉपर्टी टैक्स की स्थिति
शहर के कुल यूनिट 25 हजार
कुल प्रॉपर्टी टैक्स बकाया 31 करोड़ रुपये
शहर में प्रॉपर्टी टैक्स बकाया 15.50 करोड़
सरकारी भवनों का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया 15.40 करोड़ रुपये
सरकारी विभाग ही जमा नहीं करवा रहे प्रॉपर्टी टैक्स :
नगर परिषद की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी विभाग भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने में आनाकानी कर रहे हैं। करोड़ों रुपये बकाया पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग 10,85,5,761 दूरसंचार विभाग 3,20,039, सिचाई विभाग का 33,17,289 जनस्वास्थ्य विभाग का 1,061,8,429, राजस्व विभाग का 1,27,53,509, पीडब्ल्यूडी विभाग का 24,31,870, वन विभाग का 18,48,653, विजिलेंस विभाग का 9,60,931, पुलिस विभाग 1,30,42,902 उच्च शिक्षा विभाग का 1,24,088, रक्षा विभाग 1,24,088, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का 1,63,183, लघु सचिवालय का 9,28,47,977, हाउसिंग बोर्ड का 52,326, पैक्स का 4,49,882, कृषि विभाग का 1,99,490, कराधान विभाग का 37,55,230, टैक्स विभाग 1,67,252 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
मोबाइल नंबर भी इक्ट्ठे करेगी एजेंसी :
नगर परिषद ने जिस एजेंसी को काम दिया है, ये एजेंसी बकायादारों को नोटिस जारी करेगी। इसके अलावा सभी घरों से मोबाइल नंबर भी इक्ट्ठे करेगी। ये मोबाइल नंबर नप अपने रिकॉर्ड में दर्ज करेगा। नप की प्लानिंग है कि भविष्य में लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स के बिल पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी भेजे जाएंगे।
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शहर में करीब 31 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। सरकारी विभागों की तरफ भी करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। एजेंसी बकायादारों को नोटिस देगी। इसके अलावा एजेंसी रिकॉर्ड के लिए रजिस्टर भी तैयार करेगी।
- ऋषिकेश वर्मा, ईओ नगर परिषद
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