फतेहाबाद। आजादी पर्व पर पुलिस प्रशासन के रवैये ने शहरवासियों को अंग्रेजों के समय की याद दिला दी। पुलिसिया रौब के कारण आमजन तो क्या कई भाजपा के बड़े नेता भी जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की झलक तक नहीं देख पाए। समारोह स्थल पुलिस लाइन की ओर जाने वाले रास्तों को पत्थर लगाकर रेपिड एक्शन फोर्स से लेकर सीआरपीएफ तक के जवान तैनात कर दिए गए। पुलिस लाइन के चारों तरफ के गेटों को बंद करके वहां पुलिसकर्मी मौजूद रहे। हालात ऐसे रहे कि आजादी पर्व की खुशियां मनाने से ज्यादा पूरा पुलिस तंत्र मुख्य अतिथि बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला को किसानों की पहुंच से दूर रखने में लगा रहा। हालांकि, समारोह स्थल के आसपास भी किसी किसान संगठन से जुड़े किसान नेता नजर नहीं आए।
मात्र एक घंटे में ही निपटा दिया जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह
प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर बिजली मंत्री तक में किसानों के विरोध का ऐसा खौफ रहा कि जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को मात्र औपचारिकता बना दिया गया। मात्र एक घंटे में ही सारा समारोह निपटाकर मंत्री तुरंत चले गए। 94 लोगों को बिजली मंत्री के हाथों सम्मानित होना था, लेकिन मंत्री ने सिर्फ विभागाध्यक्षों को प्रशंसा-पत्र सौंपे। मंच से ऐलान कर दिया गया कि विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालय में सम्मान सूची में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशंसापत्र वितरित करेंगे।
वाहन चालकों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
पुलिस प्रशासन के इन प्रबंधों के चलते वाहनचालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हिसार जाने वाले वाहनों को भूना मोड़ से ही बाईपास की ओर निकाल दिया गया। कुछ वाहन चालकों ने सोमा टाउन से निकलने की कोशिश की, लेकिन वहां भी रास्ते बंद कर दिए गए। इसी तरह हिसार से फतेहाबाद आने वाले चालकों को भी घूमकर शहर में प्रवेश करना पड़ा।
इनसे समझिए पुलिसिया रौब का मंजर
केस नंबर एक
भाजपा जिलाध्यक्ष भी नहीं ले जा सके पंडाल तक गाड़ी
भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा समारोह में शामिल होने के लिए गाड़ी लेकर पहुंचे। उन्हें सोमा टाउन के पास ही रोक लिया गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से गाड़ी आगे ले जाने का आग्रह किया। मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्हें पैदल ही मुख्य पंडाल तक जाना पड़ा।
केस नंबर दो
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य को भी नहीं जाने दिया
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य प्रवीन जोड़ा वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रामराज महता के साथ समारोह में भाग लेने जा रहे थे। उनको भी सोमा टाउन के पास रोक लिया गया। उन्होंने हाथ में लिए समारोह के कार्ड भी दिखाए, लेकिन उनको दूसरे रास्ते से जाने के लिए कह दिया गया, वहां तक पहुंचने में आधे घंटे का समय लगता। प्रवीन जोड़ा व रामराज महता रोष जतात हुए वहां से बिना कार्यक्रम में जाए ही लौट गए।
केस नंबर तीन
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वालों को भी रोका
इतना ही नहीं पुलिसिया रौब सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने के लिए आए बच्चों पर भी दिखा। बच्चों को लेकर आए अभिभावक पुलिसकर्मियों को समझाते रहे कि उनको सांस्कृतिक प्रस्तुति देनी है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्हें भी वापस जाना पड़ा।
केस नंबर चार
काफी देर तक रोड पर खड़े रहे आमजन, नहीं जाने दिया
इसके अलावा आमजन को भी सोमा टाउन व पुलिस लाइन के बीच मुख्य रास्ते पर ही रोक लिया गया। आमजन में शामिल कुछ किशोर आग्रह करते रहे कि उन्हें पंडाल तक जाने दिया जाए। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार काफी देर रोड पर ही खड़े रहने के बाद वह मायूस होकर लौट गए।
मैं मुख्यमंत्री के समक्ष रखूंगा मामला
बिल्कुल आजादी पर्व के दिन पुलिस का सरासर गलत व्यवहार था। मुझे भी रोका गया, कई अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं को भी नहीं जाने दिया। इस विषय में चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री के समक्ष मामला रखूंगा।
- बलदेव सिंह ग्रोहा, जिलाध्यक्ष, भाजपा
15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व का दिन होता है। इसलिए सुरक्षा प्रबंध चाक-चौबंद रखने जरूरी हैं। आमजन को कार्यक्रम में आने से बिल्कुल नहीं रोका गया। हिसार रेंज में सिर्फ फतेहाबाद में ही मंत्री ने ध्वजारोहण किया था। इसलिए भी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। क्योंकि राष्ट्रीय पर्व के दिन काले झंडे दिखाने जैसी बात होती तो ज्यादा बड़ा मामला बनता। एहतियात के तौर पर सारे प्रबंध किए गए थे।
-राजेश कुमार, एसपी, फतेहाबाद
पैदल ही समारोह स्थल की ओर जाते भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा।- फोटो : Fatehabad
भूना रोड पर नाका लगाकर तैनात रेपिड एक्शन फोर्स के जवान।- फोटो : Fatehabad
भूना रोड पर पत्थर व बेरिकेड रखवाते पुलिस अधिकारी। संवाद- फोटो : Fatehabad