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एक हजार एकड़ में फसल और 90 ढाणियां जलमग्न

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नहर की टूटी पटरी को ठीक करने में जुटे कर्मचारी व किसान। - फोटो : Fatehabad
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गांव गोरखपुर के पास सिद्धमुख भाखड़ा नहर में आई 50 फुट चौड़ी दरार को 19 घंटों की लगातार कोशिश के बाद शुक्रवार सुबह पाटने में कामयाबी मिली। मगर तब तक नहरी पानी से गांव काजलहेड़ी व गोरखपुर की एक हजार एकड़ में फसलें व 90 से ज्यादा ढाणियां जलमग्न हो गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर की पटरी को बनाने के लिए हाई बुलडोजर व सैकड़ों मजदूरों की मदद ली। दरार ठीक होने के बाद अधिकारी खेतों में लिफ्टिंग पंप लगाकर पानी को वापस नहर में डलवाने में जुट गए।
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गौरतलब है कि वीरवार शाम करीब साढ़े तीन गांव गोरखपुर के डूम्मावाले पुल के बीच सिधमुख भाखड़ा नहर में 50 फुट से भी अधिक चौड़ी दरार आ गई थी। पानी के तेज बहाव के कारण मिट्टी का कटाव हो गया। इस कारण लगातार 19 घंटे से अधिक नहरी पानी बहने से एक हजार एकड़ में लगी फसल लबालब हो गई। नहर में 500 क्यूसिक पानी चल रहा था, जिसकी सप्लाई सीधी राजस्थान में होती है। यह नहर बलियाला हेड से सिरसा ब्रांच के बिल्कुल साथ-साथ आ रही है। काजलहेड पर सिरसा ब्रांच में समायोजित हो जाती है। जहां से सिद्धमुख नहर में पानी की सप्लाई पुन: शुरू होती है। फिलहाल अलग-अलग दिशाओं में दो पंप सेट लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से खेतों एवं ढाणियों में घुसे पानी को वापस नहर में डाला जा रहा है।
अधिकारियों पर पटरी की सफाई न करवाने के आरोप
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राममेहर सिवाच ने आरोप लगाया है कि सिद्धमुख नहर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण टूटी है। नहर बनने के बाद कभी भी पटरी की सफाई नहीं हुई। पटरी के मौके पर ऐसे हालात हैं कि उस पर साइकिल को भी नहीं चलाया जा सकता। नहर टूटने से काजलहेड़ी व गोरखपुर के हजारों किसान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। इसलिए तत्काल विशेष गिरदावरी करवाकर नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। कई घंटों की मशक्कत के बाद नहर के पानी को रोका गया है। खेतों में बनी ढाणियों के लोग पानी में फंसे हुए हैं।
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बर्बाद फसल का तुरंत मुआवजा जारी करे सरकार : पूनिया
महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष कृष्णा पूनिया ने गांव गोरखपुर के पास टूटी सिद्धमुख नहर से किसानों की फसलों व मकानों को हुए नुकसान की तुरंत भरपाई करवाने और इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद कृष्णा पूनिया ने कहा कि नहर टूटने से गोरखपुर, काजलहेड़ी व खजूरीजाटी गांव की हजारों एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। पशुओं तक को उनके रिश्तेदारों ने आकर संभाला है। सरकार को तुरंत इस पर संज्ञान लेना चाहिए और किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाना चाहिए।
कोट
सिद्धमुख भाखड़ा नहर में आई दरार को शुक्रवार सुबह दस बजे से पहले ठीक कर दिया गया। पूरी टीम पटरी ठीक करने के लिए मेहनत कर रही थी। खेतों एवं ढाणियों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए लिफ्टिंग पंपों की मदद ली जा रही है। पटवारी को पानी से हुए नुकसान का आकलन करके जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दे चुके हैं।
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ओमप्रकाश बिश्नोई, एसई, सिंचाई विभाग।
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