फतेहाबाद। कॉलेजों में दाखिले को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य से बाहर कॉलेजों में दाखिलों के लिए भी भागदौड़ शुरू हो गई है और ऑनलाइन आवेदन भरे जा रहे है। लेकिन क्षेत्र के डेढ़ हजार विद्यार्थियों का दाखिले पर संकट हो गया है। विद्यार्थियों के पिछले 10 दिन से रिहायशी, आय और जाति प्रमाणपत्र नहीं बन रहे। 9 अगस्त के बाद जिन विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, उनके प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए। विद्यार्थी प्रमाण पत्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों के चक्कर काट रहे है।
तहसील कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट में तकनीकी खराबी आने के कारण प्रमाणपत्र जारी नहीं हुए है। राज्य से बाहर कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रमाण पत्र अपलोड करने जरूरी है।
ऑनलाइन जारी होते हैं प्रमाणपत्र
प्रमाण पत्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों, अटल सेवा केंद्रों पर आवेदन किए जा सकते हैं। यहां आवेदन होने के बाद तहसीलदार कार्यालय दस्तावेजों की जांच करता है। इसके बाद तहसील कार्यालय ऑनलाइन ही प्रमाणपत्र जारी करता है। फतेहाबाद क्षेत्र के विद्यार्थियों ने सीएससी पर आवेदन कर रखे हैं, लेकिन तहसील कार्यालय में फाइलें रुकी हुई है।
पोर्टल पर फैमिली आईडी अपलोड में समस्या
उच्चतर शिक्षा विभाग ने बेशक ट्रायल लेने के बाद पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन तकनीकी कमियां दूर नहीं हुई है। पोर्टल पर फैमिली आईडी अपलोड नहीं हो रही है। ओटीपी जाने में देरी हो रही है। इसके कारण विद्यार्थी को आवेदन करने में 10 से 15 मिनट का समय लग रहा है।
मैंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन करना है। इसके लिए उसे रिहायशी और आय प्रमाणपत्र अपलोड करना जरूरी है। प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन नहीं बने हैं।
- सलोनिया, छात्रा
स्नातक में दाखिले के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। मैंने डीयू में दाखिले के लिए आवेदन करना है उसके लिए प्रमाणपत्र जरूरी है। उसने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था लेकिन नहीं बने है।
- छात्रा रीतू, गांव मानावाली
कॉमन सर्विस सेंटर से प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किए थे, लेकिन अभी तक जारी नहीं हुए है। 9 अगस्त के बाद जो आवेदन गए हैं उनके प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए है। विद्यार्थी परेशान है। हमारे सेंटर पर करीब 30 फाइलें रुकी हुई है।
- राजकुमार मेहता, सीएससी संचालक
प्रमाण पत्र न बनने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। नेट की समस्या के कारण प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पाए। ये समस्या से तीन से चार दिन रही। तकनीकी दिक्कत कभी भी आ सकती है। अब धीरे-धीरे प्रमाण पत्र बनने शुरू हो गए है।
- रणविजय सिंह, तहसीलदार