फतेहाबाद। स्वास्थ्य महकमे में आज से फिर तीन दिन के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने जा रही हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ ने सरकार द्वारा 2018 में एनएचएम कर्मचारियों को दिए गए सेवा नियम को वापस लेने के विरोध में आज से तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। साथ ही सातवां वेतन सहित अन्य मांगें भी लंबित पड़ीं हैं।
जिले में एनएचएम के 405 कर्मचारी हैं। हड़ताल से सबसे ज्यादा एंबुलेंस सेवा, डिलिवरी सेवाएं और नर्सरी में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। जिले के आरटीएस यानी एंबुलेंस सेवाओं में एनएचएम के 67 कर्मचारी तैनात हैं। एनएचएम के सबसे ज्यादा कर्मचारी फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, भट्टूकलां, जाखल व भूना के अस्पतालों में हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। हड़ताल पर जाने का निर्णय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया।
रोडवेज के 11 कर्मचारी संभाल सकते हैं एंबुलेंस की स्टेयरिंग
जिले में आरटीएस में 67 कर्मचारी तैनात है। अगर सभी कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो रेफरल सिस्टम बिगड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के पास इस समय करीब 11 रोडवेज और 11 कौशल रोजगार निगम में चालक हैं। अगर ये चालक भी एंबुलेंस चलाते हैं तो भी सेवाएं पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाएंगी।
एनएचएम कर्मचारियों ने पहले भी की थी सांकेतिक हड़ताल
प्रदेशाध्यक्ष विपिन शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों की मांगें न माने जाने के कारण इस कड़े कदम को उठाने का निर्णय लिया गया है। कोरोना के तीन चरणों में प्रदेश भर के ज्यादातर कर्मचारी कोरोना से पीड़ित ही नहीं हुए बल्कि कुछ कर्मचारियों ने अपनी शहादत भी दी है लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार लगातार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा 6 माह पहले सातवां वेतन देने की घोषणा की गई थी लेकिन विभागीय अधिकारी इसकी अनदेखी कर ही रहे हैं। इसके अलावा सेवा नियमों को भी खत्म करने की मंशा पाल रखी है, जिस वजह से 26 जून को प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें 7वां वेतन आयोग का लाभ देने की घोषणा को पूरा करना, सर्विस नियम 2018 को बहाल रखना एवं उनमें संशोधन करना, नियमित कर्मचारियों की तरह अन्य सभी लाभ एवं 58 साल तक सेवा सुरक्षा देना आदि शामिल है। सरकार जल्द से जल्द इन मांगो को पूरा करे अन्यथा कर्मचारियों को तीन दिन की हड़ताल के बाद मजबूरन कड़े कदम उठाते हुए आंदोलन को लंबा खींचना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं विभाग की होगी। इससे पहले भी काली पट्टी बांधकर, विधायकों सांसदों को ज्ञापन देकर एवं 9 जून को एक दिवसीय हड़ताल कर के विरोध जताया गया है।
जिले में एनएचएम कर्मचारियों की स्थिति
कार्यरत कर्मचारी संख्या
सीएमओ कार्यालय 24
आयुष 14
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 49
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 21
यूपीएचसी टोहाना 11
उप नागरिक अस्पताल रतिया 64
सीएचसी भूना 47
सीएचसी भट्टूकलां 44
सीएचसी जाखल 44
सीएचसी बड़ोपल 20
आरटीएस 67
कोट
हड़ताल की हमें नहीं है कोई सूचना : सोखी
एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने बारे उन्हें कोई सूचना अभी तक नहीं है। सूचना आती है तो व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन