अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में स्क्रीनिंग के दौरान ये सामने आया है। पिछले तीन माह में नागरिक अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में 4677 लोगों की स्क्रीनिंग हुई है। इसमें 285 लोग डायबिटीज का शिकार मिले हैं। डायबिटीज को लेकर फैमिली हिस्ट्री भी सामने आ रही है।
लाइफ स्टाइल में बदलाव और गलत खानपान से 30 साल की उम्र के बाद ही 6 फीसदी लोग डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। ये ही नहीं डायबिटीज साइलेंट किलर बन रहा है। हार्ट और ब्रेन पर भी असर डाल रहा है।
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नागरिक अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की हो रही है स्क्रीनिंग
अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में स्क्रीनिंग के दौरान ये सामने आया है। पिछले तीन माह में नागरिक अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में 4677 लोगों की स्क्रीनिंग हुई है। इसमें 285 लोग डायबिटीज का शिकार मिले हैं। डायबिटीज को लेकर फैमिली हिस्ट्री भी सामने आ रही है। अगर किसी के परिवार में किसी को डायबिटीज रह चुकी है तो बच्चों पर भी असर की संभावना ज्यादा रहती है।
तीन माह में स्क्रीनिंग में इतने शुगर के मरीज मिले माह स्क्रीनिंग हुई शुगर के मरीज
अगस्त 1115 25
सितंबर 1536 129
अक्टूबर 2026 131
ये है डायबिटीज के लक्षण
अधिक भूख एवं प्यास लगना, अधिक पेशाब आना, खुद को थका हुआ महसूस करना, वजन बढ़ाना या कम होना, त्वचा में खुजली होना या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं होना, उल्टी का मन होना, मुंह सूखना, बाहरी संक्रमण के प्रति शरीर संवेदनशील हो जाता है, नेत्र संबंधी समस्याएं जैसे धुंधला दिखना।
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डॉक्टर बोले- ये साइलेंट किलर, नियंत्रित करना जरूरी
30 साल की उम्र के बाद प्रत्येक व्यक्ति को स्क्रीनिंग जरूर करवानी चाहिए। अगर किसी के परिवार में किसी को शुगर रह चुकी है तो बच्चों में भी होने का खतरा रहता है। लाइफ स्टाइल को बदल कर और खानपान में नियंत्रित करके शुगर से बचा जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को व्यायाम जरूर करना चाहिए। साल में एक बार चेकअप जरूर करवाएं। -डॉ. सुनीता सोखी, इंचार्ज एनसीडी क्लीनिक नागरिक अस्पताल।