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Fatehabad News: खेत में पराली जलाने को लेकर पुलिस से उलझे किसान

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रतिया के कमाना मोड़ पर थाना प्रभारी से जिरह करते किसान।
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फतेहाबाद/रतिया। जिले में पराली जलाने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं पराली जलाने को लेकर अब किसान पुलिस व कृषि अधिकारियों से भी उलझने लगे हैं। मंगलवार को बुढलाडा रोड पर कमाना मोड के पास पराली में जली आग को बुझाने जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो किसान अड़ गए। जिस कारण पुलिस टीम को लौटना पड़ा। पुलिस इस मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत का इंतजार कर रही है। वहीं किसान संगठनों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक पराली प्रबंधन को लेकर प्रशासन ठोस व्यवस्था नहीं करता तब तक पराली जलाने को मजबूर हैं। अगर पुलिस या प्रशासन ने इस मामले में किसी भी किसान के खिलाफ कोई कार्रवाई की तो वह आंदोलन करेंगे।
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फतेहाबाद जिले में मंगलवार को भी पराली जलाने के दो मामले सामने आए हैं। अब तक जिले में 425 स्थानों पर पराली जलाई जा चुकी है। सोमवार रात को भी जिले में कई स्थानों पर पटाखे फोड़े गए, फतेहाबाद में मंगलवार को एक्यूआई का स्तर 305 रहा है। वहीं अब तक कृषि विभाग ने 217 किसानों को पांच लाख 65 हजार 500 रुपये का जुर्माना किया है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में पराली जलने के बढ़ते मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्ती दिखाई जाने तथा प्रदेश एडीजीपी द्वारा संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को मामले की जिम्मेदारी तय करने के बाद पुलिस विभाग के लिए समस्याएं बढ़ गई हैं।

किसान बोले- कोई अन्य विकल्प बताओ, नहीं जलाएंगे पराली
मंगलवार को शहर थाना प्रभारी जय सिंह पुलिस टीम के साथ पराली जलाने की सूचना मिलने के बाद शहर के बुढलाडा रोड पर कमाना मोड पहुंचे और पराली जलाने वाले किसानों को आह्वान किया कि पराली न जलाएं और इसका प्रबंध करें। पुलिस के पराली जलाने के मामले में हस्तक्षेप करने पर किसान अड़ गए और किसान संगठन के नेताओं को पूरे मामले की सूचना दी। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष निर्भय सिंह, अमन सहित अन्य किसान नेता मौके पर पहुंचे और शहर थाना प्रभारी को कहा कि जब तक प्रदेश सरकार किसानों को बेलर व अन्य प्रणाली प्रबंधन की व्यवस्था नहीं करती तब तक किसान पराली जलाने को मजबूर है, अगर प्रशासन व्यवस्था करें तो किसान किसी भी कीमत पर पराली नहीं जलाएंगे। किसानों ने शहर थाना प्रभारी को स्पष्ट कहा कि बिना पराली प्रबंधन अगर प्रशासन ने किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई की तो किसान एकजुट होकर आंदोलन करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी। मौके पर किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस टीम वहां से चली आई।
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सूचना मिलने के बाद मौके पर गए थे तथा जली हुई पराली को बुझा दिया गया है। मामले में आगामी कार्रवाई को लेकर मामला एसडीएम के संज्ञान में दिया गया है। उनके संज्ञान के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-जय सिंह, शहर थाना प्रभारी

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मामला संज्ञान में आने के बाद कृषि विभाग को मामले में कार्रवाई करने को कहा गया है।
-जगदीश चंद्र, एसडीएम


इस मामले में कोई जानकारी नहीं है, अगर पुलिस टीम मौके पर गई है तो वह अपने अधिकारों के तहत खुद भी कार्रवाई कर सकती है। फिर भी सूचना मिलने के बाद इस मामले में उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद ही आगामी कार्रवाई करेंगे।
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-संदीप कुमार, खंड कृषि अधिकारी
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