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सियासत: राहुल गांधी से मिले हरियाणा के नेता, उनके सामने ही जाट व गैर जाट के मुद्दे पर उलझे कुलदीप और दीपेंद्र

Fri, 25 Mar 2022 08:39 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी नेताओं के विचारों को सुना और पार्टी को मजबूत करने के सुझाव मांगे। कुछ नेताओं ने नेतृत्व से राज्य में संगठन में सुधार के लिए शीघ्र निर्णय लेने का आह्वान किया।
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हरियाणा के कांग्रेस नेताओं के साथ राहुल गांधी। - फोटो : सोशल मीडिया
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पांच राज्यों में करारी हार और पंजाब में सत्ता गंवाने के बाद हरियाणा कांग्रेस का कुनबा एकजुट करने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली में बुलाई गई बैठक में राहुल गांधी के सामने जाट व गैर जाट के मुद्दे पर कुलदीप बिश्नोई और दीपेंद्र हुड्डा उलझ गए। मामला इतना बढ़ गया कि राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला को दखल देकर दोनों को शांत कराना पड़ा। वहीं, राहुल गांधी ने सभी को एकजुटता का पाठ पढ़ाते हुए संगठित होने की नसीहत दी।  

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बैठक में कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि भजन लाल को कमान सौंपने पर पार्टी को साठ से अधिक सीटें हरियाणा में मिली थीं। इसलिए किसी गैर जाट को हरियाणा में चेहरा बनाया जाए। उनकी बात पूरी होते ही सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भजन लाल के नाम पर तो अलग पार्टी भी बनाई गई तब इतनी सीटें क्यों नहीं आईं। दीपेंद्र ने कहा कि मेरिट के हिसाब से नतीजा निकाला जाना चाहिए। 36 बिरादरी को साथ लेकर चलना चाहिए। बात बढ़ती देख सुरजेवाला ने दोनों को शांत कराया। 

इसके बाद निर्णय लिया गया कि संगठन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा। पंजाब में कैप्टन पर किए गए प्रयोग के बाद आलाकमान पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पर हाथ डालने से बच रहा है और कुमारी सैलजा को भी साथ लेकर चलेगा। सैलजा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनी रहेंगी। प्रदेश में संगठन की कमान संभालने के मंसूबे पाले कांग्रेस नेता पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से एकता में बल है, का मूलमंत्र लेकर लौटे हैं।
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पंजाब में कांग्रेस के बिखराव से आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद राहुल गांधी ने पहली बार हरियाणा के नेताओं की मैराथन बैठक ली। उनके आवास पर लगभग चार घंटे चली बैठक में राहुल ने पहले सामूहिक तौर पर फिर अलग-अलग सभी नेताओं को सुना। सभी को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। बैठक में आम आदमी पार्टी के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई।

बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी राहुल के घर पहुंची, लेकिन बैठक में शामिल नहीं हुईं। राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि एकजुटता दिखानी होगी। जनता का विश्वास जीतें। सभी पार्टी नेता एक मंच पर आकर प्रदेश सरकार की विफलताओं के खिलाफ आंदोलन चलाएं। अभी फसल कटाई का मौसम है, इस लिए अप्रैल के बाद सभी नेता एक साथ फील्ड में उतरें।

जल्दी प्रदेश में संगठन का गठन कर दिया जाएगा। सभी को समान प्रतिनिधित्व मिलेगा। राहुल से मुलाकात के बाद सभी नेताओं ने कहा कि मनमुटाव खत्म होंगे। आने वाले वक्त में हरियाणा भर में सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाए जाएंगे। सब नेता इकट्ठे होकर सड़कों पर उतरेंगे। राहुल गांधी के मशविरा पर अमल होगा।

मजबूती से लड़ेंगे निकाय चुनाव : हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बैठक में सबने अपनी-अपनी बात राहुल गांधी के सामने रखी है। प्रदेश में निकाय चुनाव मजबूती से लड़ेंगे। प्रजातांत्रिक देश है और हमारी पार्टी भी प्रजातांत्रिक है। मतभेद स्वभाविक हैं लेकिन हमारे में मनभेद नहीं हैं। संगठन कैसे आगे बढ़े, इस पर चर्चा हुई है।

समर्थकों ने हुड्डा तो कुछ ने अपनी वकालत की
राहुल से अलग-अलग चर्चा में पूर्व सीएम के समर्थकों ने भूपेंद्र हुड्डा को संगठन की कमान और फ्री हैंड देने की मांग की। कुछ नेताओं ने खुद के लिए प्रधान पद व पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मांगी। एक बड़े नेता ने कहा कि हुड्डा पार्टी में सर्वेसर्वा रहें, उन्हें कोई आपत्ति नहीं लेकिन ओबीसी को उचित सम्मान के साथ संगठन में समान भागीदारी मिले।

बैठक में ये नेता रहे शामिल
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा, प्रदेशाध्यक्ष कुमार सैलजा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला, विधायक किरण चौधरी, कुलदीप बिश्नोई, आफताब अहमद, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना, कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन अजय यादव, वरिष्ठ नेता धर्मपाल मलिक इत्यादि।

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