चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में पिछले करीब तीन माह से कफ सिरप (खांसी की दवा) का स्टॉक नहीं आया है। इसके चलते मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर पर जाकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। ऐसे में सरकार की सस्ती उपचार योजना का लाभ मरीज नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि जल्द ही कफ सिरप का स्टॉक पहुंच जाएगा और इस संबंध में सप्लाई भेजने वाले अधिकारी से बातचीत हो चुकी है।
दरअसल, कफ सिरप का स्टॉक हाल ही में खत्म नहीं हुआ है, बल्कि पिछले करीब तीन माह से ये हाल है। दूसरी ओर बदलते मौसम में लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में प्रतिदिन खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित 300 से अधिक मरीज सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्हें अस्पताल में खांसी के संबंध में परामर्श तो मिल रहा है, लेकिन दवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। दवा काउंटर पर तैनात कर्मचारी मरीजों को कफ सिरप न होने की बात कहते हैं, जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर पर जाकर जेब ढीली करनी पड़ती है।
दवाओं के ओवरऑल स्टॉक की बात करें तो सिविल अस्पताल में 512 प्रकार की दवाएं होनी चाहिए। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बात करें तो 322 प्रकार की दवाओं का प्रावधान है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 231 प्रकार की दवाएं होनी चाहिए।
- तीन माह में 1800 मरीजों ने बाहर से खरीदी कफ सिरप
इस समय मौसमी बीमारियों की ओपीडी बढ़ी हुई है। एक दिन में करीब 150 मरीज कफ सिरप लेने के लिए ओपीडी पर्ची के साथ दवा काउंटर पर पहुंचते हैं, लेकिन कफ सिरप उन्हें नहीं मिल पाती। पिछले तीन माह की बात करें तो करीब 1800 मरीज कफ सिरप बाहर से खरीद चुके हैं और इसके बदले उन्हें 80 से 150 रुपये तक चुकाने पड़े हैं।
मरीज बोले : सस्ता उपचार का नहीं मिल पा रहा लाभ
सिविल अस्पताल पहुंचे खांसी से ग्रस्त रामफल, गुलजारी, भतेरी, पुष्पा, दयावंती, गुलशन, कविता और निहारी देवी ने बताया कि सिविल अस्पताल में चिकित्सक ने परामर्श देने के साथ ओपीडी पर्ची पर दवा तो लिख दी लेकिन दवा काउंटर पर खांसी की दवा उपलब्ध नहीं हो पाई। अब उन्हें मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ेगी।
भिवानी वेयर हाउस गोदाम से कफ सिरप का स्टॉक आना है। वहां बात हो चुकी है और जल्द ही कफ सिरप का स्टॉक पहुंच जाएगा।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी