चरखी दादरी। बेपटरी सीवर व्यवस्था के चलते बस्तियों में हुए जलभराव से खफा लोग बुधवार शाम एनएच 148-बी और 334-बी पर उतर आए। लोगों ने करीब 26 मिनट एनएच पर ट्रैफिक व्यवस्था को बाधित रखा और इसके बाद एसएचओ की अपील पर जाम खोलकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत करने को तैयार हुए। 24 मिनट की वार्ता के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ और जेई ने वीरवार सुबह दस बजे तक पानी निकासी की कवायद शुरू करवाने का आश्वासन दिया और इस पर सहमति जताते हुए लोग वापस लौट गए।
वार्ड-13, 14 व 17 में मानसून के दौरान से ही सीवर व्यवस्था ठप है। लंबे समय से इन वार्डों की बस्तियों में सीवर लाइनों का दूषित पानी भरा हुआ है। इसी समस्या को लेकर तीन वार्डों के लोगों ने बुधवार शाम छह बजे कलियाणा मोड़ के समीप नेशनल हाइवे 148-बी और 334-बी पर जाम लगा दिया। शाम करीब 6:15 पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों से जाम खोलने की अपील की। इसके बाद 6:22 पर सिटी थाना प्रभारी वजीर रेढ्ढू मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों को मौके पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बुलाने का आश्वासन देकर रोड जाम खोलने की अपील की। उनकी बात मानते हुए लोगों ने शाम 6:26 मिनट पर जाम खोल दिया। इसके करीब 12 मिनट बाद झोझूकलां एसडीओ जगदीश कुमार मौके पर पहुंचे।
लोगों को जब पता चला कि एसडीओ के पास झोझू का चार्ज है, तो वो बिफर गए और दोबारा रोड जाम करने की चेतावनी दे दी। शाम 6:35 मिनट पर जेई अरुण कुमार मौके पर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक उस दौरान बातचीत हुई और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुबह दस बजे तक पाइप पहुंचाकर पानी निकासी की कवायद शुरू करवाने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन पर लोग संतुष्ट हो गए और घरों की ओर चले गए।
एसएचओ ने दो बार की एसडीएम से बात
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ के पास दादरी का चार्ज न होने की बात सुनते ही लोग बिफर गए और सिटी थाना प्रभारी ने तत्काल एसडीएम को इस बात की जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम ने एसडीओ से फोन पर बातचीत की और समस्या का समाधान करवाने के निर्देश दिए। वहीं, इसके बाद जेई ने पाइप भिजवाने पर सहमति नहीं दी और उनकी इस प्रतिक्रिया पर एसएचओ ने दोबारा से एसडीएम के पास फोन कर दिया।
घरों में निकल रहे सांप-बिच्छू, श्राद्ध में करनी पड़ रही जीव हत्या
प्रदर्शनकारियों ने सिटी थाना प्रभारी और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सामने परेशानियां बयां करते हुए कहा कि घरों के अंदर तक दूषित पानी भरा हुआ है। पानी में आए दिन सांप-बिच्छू निकल रहे हैं। कुछ की सुरक्षा के चलते मजबूरीवश उन्हें प्रतिदिन जीव हत्या करनी पड़ रही है। लोगों ने इस स्थिति के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
दोनों तरफ भारी वाहनों की लगी कतार
जाम के चलते एनएच के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। 26 मिनट बाद लोगों के जाम खोलने पर ही वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। लोगों के सड़क से हटते ही पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए ट्रैफिक व्यवस्था बहाल करवाकर जाम में फंसे वाहनों को निकलवाया। इसके बाद भी लोगों ने दो बार रोड जाम की चेतावनी दी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों के समझाने पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।
पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाकर खत्म किया प्रदर्शन
जाम प्रकरण में सिटी थाना प्रभारी वजीर रेढ्ढू ने मध्यस्थता का कार्य बखूबी किया। उनके प्रयासों की प्रदर्शनकारियों ने भी सराहना की। यहां तक की समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाकर प्रदर्शन खत्म किया।
वर्जन:
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुबह दस बजे तक पानी निकासी के लिए व्यवस्थाएं करवाने का आश्वासन लोगों को दिया है। पुलिस की अपील पर लोगों ने छह बजकर 26 मिनट पर जाम खोल दिया था और इसके बाद सड़क से हटकर उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत की। लोगों के वापस जाने के बाद भी पुलिस टीम वहां से लौटी।
वजीर रेढ्ढू, सिटी थाना प्रभारी