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एक माह में 57861 घरों की जांच, 100 में मिला लारवा, नोटिस जारी

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घर में पहुंचकर जांच करती टीम। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी तरह से सर्तक है। एक माह के दौरान विभाग की टीमों ने 57861 घरों में जाकर लारवे की जांच की है। इस दौरान टीम को 100 घरों में लारवा मिला है, जिनको विभाग ने चेतावनी नोटिस जारी कर दिए है। टीम को गांव के 75 घरों और शहर में 25 घरों में लारवा मिला है। वहीं शहर में इस साल अभी तक एक भी मलेरिया पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है।
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दो सालों से दादरी शहर में मलेरिया का प्रकोप कम हो गया है। 2020 में एक भी मलेरिया पॉजिटिव केस नहीं था जबकि इस वर्ष 31 जुलाई तक भी स्थिति ऐसी ही है। जुलाई में दस बार बारिश हो चुकी है और मौसमी बीमारियां फैलने का अंदेशा है। इसे देखते हुए ही जिला प्रशासन के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शहर और गांवों में घर-घर जाकर पानी के बर्तनों, टंकियों, कूलर और अन्य सामान की स्थिति देखी। इस दौरान टीम को जहां लारवा मिला, उन भवन मालिकों को हरियाणा म्यूनिसिपल अधिनियम के तहत नोटिस दिए गए। नोटिस के मुताबिक 48 घंटे बाद टीम कभी भी दोबारा विजिट करेगी। अब अगर टीम को फिर भी लारवा मिला तो मालिकों के 300 रुपये से लेकर दो हजार तक का चालान किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की दस टीमों ने गांवों व शहर में घर-घर जाकर यह जांच की। गांवों में 44302 घरों में टीमें पहुंची और 75 घरों में लारवा पाया गया। वहीं, शहर के 13559 घरों में जाच की गई तो 25 घरों में लारवा पाया गया।
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शहर के इन क्षेत्रों के मकानों में मिला लारवा
टीम में शामिल एक अधिकारी के अनुसार दादरी शहर में 25 घरों के अंदर रखे पानी के बर्तनों में लारवा पाया गया है। इनमें काठमंडी, वार्ड- 13 व 17, वाल्मीकि बस्ती, रविदास बस्ती आदि क्षेत्र शामिल है। सबसे अधिक जगहों पर प्लास्टिक की टंकियों के अंदर लारवा पाया गया। कुछ स्थानों पर बाहर रखे पशुओं के बर्तनों में भी लारवा मिला है। कूलर में लारवा मिलने के इस बार केस कम हैं।
2017 से 2020 तक हर साल बढ़ा है डेंगू संक्रमितों का ग्राफ
वर्ष केस
2017 6
2018 7
2019 14
2020 23
पिछले चार सालों में 13 लोग मिले हैं मलेरिया संक्रमित
वर्ष केस
2017 4
2018 6
2019 3
2020 0
शहर में दस जगहों पर भरा है बारिश का पानी
शहर की ज्यादातर मुख्य सड़कों से तो विभागों ने पानी की निकासी करवा दी है, लेकिन कॉलोनियों में दस से अधिक जगहों पर अभी भी बारिश का पानी भरा हुआ है। इस पानी पर मच्छर पैदा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में नप को इन कॉलोनियों में फॉगिंग करवानी चाहिए, ताकि लोग जलजनित बीमारियों की चपेट में न आएं।
हमारी टीमों ने जुलाई में 57861 घरों की जांच की है और 100 घरों में लारवा मिला है। इस पर संज्ञान लेते हुए भवन मालिकों को नोटिस दिए गए हैं। जल्द ही टीमें वहां दूसरी विजिट करेंगी और उस दौरान नियमानुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। इस साल अभी तक शहर में एक भी मलेरिया पॉजिटिव केस नहीं है।
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जगदीश कुमार, हेल्थ इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग
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