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डेंगू के चार और मलेरिया के पांच मामले मिले

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रविदास नगर की गली में भरा दूषित पानी। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। बारिश के साथ ही डेंगू और मलेरिया ने भी दस्तक दे दी है। डेंगू के चार तो मलेरिया के पांच केस पिछले दिनों सामने आए है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। चिंता बढ़ने का एक कारण यह भी है कि शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पानी खाली प्लाटों, गलियों में जमा है और मच्छर पनप रहे है। अब तक सामने आए डेंगू के चार मरीजों में तीन ग्रामीण क्षेत्र से है जबकि एक शहरी क्षेत्र से है। मलेरिया के पांच केस ग्रामीण क्षेत्र से है। डेंगू मलेरिया के केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने भी सारी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए संभवत: सोमवार को बैठक होगी।
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जिले में डेंगू और मलेरिया ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। हाल ही में डेंगू और मलेरिया के केस सामने आए है। डेंगू के चार तो मलेरिया के पांच केस मिले है। जिले में डेंगू के नए मामले रणकौली गांव में एक, खेड़ीबुरा, समसपुर, अर्बन दादरी में एक-एक केस सामने आए है। इसके अलावा मलेरिया के केस चरखी गांव में दो, झिंझर, घसौला, मालकोष में एक-एक मलेरिया पॉजिटिव सामने आए है। स्वास्थ्य विभाग ने डोर टू डोर जांच करने, मच्छर का लारवा मिलने पर नोटिस देने, चालान काटने की तैयारी की है। जल्द ही यह अभियान चलेगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम उन गांवों को भी चिह्नित कर रहा है, जहां पिछले वर्ष ज्यादा केस रहे थे।
ग्रामीण और शहरी हर क्षेत्र में बिगड़े हालात
पिछले दिनों बारिश के बाद शहर के अधिकतर क्षेत्रों में अभी भी बारिश का पानी जमा है। इसके अलावा शनिवार और रविवार को हुई बारिश के बाद सड़कों के किनारे भी पानी जमा हो गया है। शहर में मुख्यत: कबीर नगर, चरखी गेट, मुथरी घाटी, कन्या प्राथमिक पाठशाला, सीनियर मॉडल स्कूल क्षेत्र, किकरवासनी हनुमान मंदिर क्षेत्र आदि क्षेत्रों में ज्यादा जलभराव की समस्या है। ऐसे में अब ठहरे पानी में मच्छर पनप रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात अधिक गंभीर है और वहां जगह-जगह जलभराव के हालात है।
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10 टीमों ने दो माह में जांचे 60 हजार मकान
स्वास्थ्य विभाग की 10 टीमें लगातार घर-घर जाकर शहर और गांवों में जांच अभियान चलाए हुए है। पिछले दो माह में करीब 60 हजार से अधिक घरों की जांच ये टीमें कर चुकी है। जिनमें करीब 125 घरों में मच्छर का लारवा मिला है। जिसके चलते मकान मालिकों को नोटिस थमाए गए है। गांवों में करीब 45 हजार और शहरी क्षेत्र में करीब 15 हजार घरों की जांच की गई है।
जलभराव अधिक, कर्मचारी कम, दवा का छिड़काव बड़ी चुनौती
बारिश के बाद घरों की छतों, सरकारी कार्यालयों में भी छतों पर टंकी, टायरों, पुराने घड़ों, कूलरों पानी जमा होने से मच्छर पनप रहे है और इसके प्रति कोई गंभीर नहीं है। जलभराव अधिक स्थानों पर होने के बीच स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधनों व स्टाफ की कमी है। ऐसे में लारवा खत्म करना बड़ी चुनौती बन गया है।
2018 से लगातार घातक हो रहा डेंगू का डंक
2018 से लगातार ही डेंगू का डंक घातक होता जा रहा है। 2018 में डेंगू के 34 केस सामने आए थे। मलेरिया के उस समय 30 केस थे। जिसके बाद 2019 और 2020 में भी डेंगू ने खूब कहर बरपाया और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
डेंगू के लक्षण :
- अचानक तेज बुखार होना
- सिर के अगले भाग, आंखों के पिछले भाग, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना
- खसरा जैसे दाने छाती व हाथ के ऊपरी भाग तक निकल आना
- भूख कम लगना और बार-बार उल्टी करने का मन करना
ये रखें सावधानी
- डेंगू बुखार में स्वयं दवा खाने से बचें
- डेंगू व मलेरिया नाशक दवाई के छिड़काव के बाद दो महीने तक सफेदी न करें
- तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी होने पर अच्छे चिकित्सक को दिखाए।
- कूलर व घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- जमा पानी में मिट्टी का तेल या काला तेल डालें
डेंगू और मलेरिया के नए केस सामने आए है। स्वास्थ्य विभाग मच्छर जनित बीमारियों के प्रति गंभीर है। इसके लिए फोगिंग करवाई जा रही है। इसके अलावा ठहरे हुए पानी में काला तेल डलवाया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि डेंगू मलेरिया पर समय रहते नियंत्रण किया जाए। आमजन को भी जागरूक होना होगा और सावधानी रखनी होगी।
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डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन
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