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खाद्य एवं पूर्ति विभाग का पोर्टल नौ माह से बंद, आवेदक काट रहे चक्कर

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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। सरकार ने परिवार पहचान पत्र से राशन कार्ड का डाटा मिलाने के लिए दो माह के लिए फरवरी में पोर्टल बंद किया था, उसके बाद पोर्टल को खुलवाना ही भूल गई। पोर्टल बंद होने से नए राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया ठप है और आवेदक प्रतिदिन खाद्य एवं पूर्ति विभाग के चक्कर लगाने को विवश हैं। आलम यह है कि राशन कार्ड की त्रुटि ठीक करवाने से लेकर परिवार के मुखिया का नाम बदलवाने तक की प्रक्रिया बाधित है। सरकार ने परिवार पहचान पत्र से राशन कार्ड का डाटा मिलान करने के लिए यह पोर्टल फरवरी में दो माह के लिए बंद करवाया था।
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सरकार ने 14 साल बाद प्रदेश में एपीएल यानी सामान्य वर्ग के राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया गत वर्ष शुरू की थी। यह प्रक्रिया ऑनलाइन थी। काफी संख्या में लोगों ने राशन कार्ड बनवाए हैं, जबकि इस संख्या का ग्राफ अभी और बढ़ने के आसार हैं, लेकिन सरकार ने परिवार पहचान पत्र का राशन कार्ड के डाटा से मिलान करने के लिए फरवरी में दो माह के लिए पोर्टल बंद किया था। इसके बाद सरकार ने इस पोर्टल को अब तक नहीं खोला है। पोर्टल बंद होने से नए राशन कार्ड बनवाने, नया नाम जुड़वाने व कटवाने के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं जिन लोगों ने अब यह राशन कार्ड बनवाया ही नहीं है वे भी परेशान हैं। राशन कार्ड की कई सरकारी कार्यालयों में दस्तावेज के रूप में जरूरत पड़ती है।
प्रतिदिन 20 से अधिक लोग पहुंच रहे कार्यालय
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि डिपो बदलवाने, राशनकार्ड की त्रुटि ठीक करवाने, परिवार के मुखिया का नाम बदलवाने और नया राशनकार्ड बनवाने के लिए प्रतिदिन 20 से अधिक लोग कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन पोर्टल बंद न होने के चलते उनके काम नहीं हो पा रहे हैं। इस समय डुप्लीकेट राशनकार्ड बनवाने और किसी सदस्य का राशनकार्ड से नाम कटवाने का कार्य ही हो रहा है।
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अधिकारी मुख्यालय भेज चुके पत्र
पोर्टल खुलवाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी मुख्यालय में पत्र लिख चुके हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने सरकार से राशन कार्ड का पोर्टल जल्द खुलवाने की मांग की है ताकि उनकी दिक्कतें दूर हो सकें। लोग आए दिन कार्यालय में पहुंचकर शिकायत कर रहे हैं।
कोई पहचान से वंचित तो किसी के अटके काम
शहर निवासी मोहन ने बताया कि उसे नया एलीएल कार्ड बनवाना है। गत मार्च माह से लगातार फूड एंड सप्लाई विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। अधिकारी उसे हर बार पोर्टल बंद होने की बात कह रहे है। उसका कहना है कि राशनकार्ड एक मूल दस्तावेज है और वे अब तक इससे वंचित है। वहीं, वार्ड-15 निवासी दीपेंद्र ने बताया कि उसके पिता की मौत हो चुकी है और उसे राशनकार्ड में मुखिया का नाम बदलवाना है। इस काम के लिए वो छह माह से चक्कर लगा रहा है, लेकिन काम नहीं बनवा रहा। आवेदक भीष्म, दुर्गा, सतीश, मंजीत, सुशीला, पूनम, सविता और हरिसिंह आदि आवेदकों ने भी सरकार से पोर्टल खोलने की मांग की है।
राशन कार्ड बनवाने का पोर्टल फिलहाल बंद है। जैसे ही पोर्टल खुलेगा राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। राशन कार्ड का परिवार पहचान पत्र से मिलान की प्रक्रिया की जा रही है।
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मनफूल सिंह, इंस्पेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
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